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250 मजदूरों की नियुक्ति का रास्ता हुआ साफ

Thu, 25 Dec 2014 12:07 AM IST
रोजा, शाहजहांपुर
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एफसीआई के अटसलिया डिपो के दैनिक वेतनभोगी 250 मजदूरों की नियुक्ति का रस्ता साफ  हो गया है। केंद्रीय औद्योगिक प्राधिकरण की लखनऊ बेंच के इस साल जुलाई में दिए गए आदेश को एफसीआई के अधिकारियों ने ठंडे बस्ते में डाल दिया था। इसके बाद मजदूरों की लड़ाई लड़ रही भाजपा महिला मोर्चा की लखनऊ की पूर्व अध्यक्ष रीता पाठक ने केंद्रीय श्रम मंत्रालय तक मामला पहुंचाया। मंत्रालय के डेस्क प्रभारी ने इस पर अब स्पष्ट आदेश कर दिए हैं। यही आदेश लेकर पाठक बुधवार को डिपो पहुंचीं।
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बात दें कि रोजा स्थित अटसलिया के एफसीआई डिपो से इन ढाई सौ मजदूरों को हटा दिया गया था। इसके बाद दो साल से डिपो पर लोडिंग-अनलोडिंग का काम बंद है। वहीं नियमितिकरण के लिए मजदूर नेता रामपाल ने इस बीच अपने 249 साथियों के साथ हाईकोर्ट में याचिका दायर कर दी थी। हाईकोर्ट ने मामला निस्तारित करने के लिए प्राधिकरण की लखनऊ बेंच को स्थानान्तरित कर दिया था। प्रधिकरण की जज डॉ. मंजू निगम ने 16 जुलाई को आदेश करते हुए सभी 250 मजदूरों को एफसीआई का कर्मचारी मानते हुए विभाग में समायोजित करने का आदेश पारित किया था। इस आदेश को एफसीआई ने ठंडे बस्ते में डाल दिया था। अब श्रम मंत्रालय के इस आदेश की प्रति लेकर रीता पाठक बुधवार को सुबह 11 बजे जब यहां पहुंचीं तो मजदूरों ने उनका भव्य स्वागत किया। वे इस आदेश से अपनी नौकरी पक्की मान रहे हैं, हालांकि एफसीआई के स्थानीय अधिकारी ऊपर से राय लेने में लग गए हैं, अभी उनका रुख सामने नहीं आया है। न ही कोई अधिकारी इस पर बोलने को तैयार हुआ।
उधर, रीता पाठक का स्वागत करने वालों में मजदूर नेता रामपाल, शराफत उल्ला, यासीन, पातीराम, प्रहलाद, शकील अहमद, गिरीश आदि शामिल रहे।

डिपो गेट खुलवाने को मजदूरों ने किया हंगामा
श्रम मंत्रालय का आदेश लेकर पहुंचीं पाठक और उनके समर्थकों को एफसीआई प्रशासन ने डिपो के मुख्य गेट से अंदर नहीं जाने दिया। इसे खुलवाने को लेकर मजदूरों और पाठक सर्मथकों की डिपो के कर्मचारियों-अधिकारियों के बीच काफी देर तक नोकझोंक हुई। इस दौरान मजदूरों ने जमकर हंगामा भी किया। बाद में पाठक मजदूरों की इंट्री के लिए बने गए गेट से ही अंदर पहुंचीं और दफ्तर में गए बिना ही वहां बने मंदिर पर पूजा अर्चना की। फिर वहां स्वागत के तैयार किए गए पंडाल में उन्होंने मजदूरों को संबोधित करते हुए कहा कि दफ्तर में किसी ने आदेश की कापी नहीं ली तो कोई बात नहीं, उन्होंने संबंधित अधिकारियों को स्पीड पोस्ट से कापी भेज दी है। दो-तीन महीने में हरहाल में वह सबकी ज्वाइनिंग करा देंगी।
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