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शिल्पी की आत्मा मांग रही इंसाफ

Sun, 17 May 2015 12:25 AM IST
पुवायां (शाहजहांपुर)
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खुटार के गांव कोल्हूगाढ़ा की शिल्पी की मौत का मामला ठंडे बस्ते में जाता दिख रहा है। 11 मई को उसका शव बंडा क्षेत्र में गोमती नदी में मिला था।
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गौरतलब है कि गोमती नदी में सोमवार को लोगों ने एक लड़की का शव पड़ा देखा था। जानकारी पाकर पुलिस भी मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार शिल्पी की मौत डूबने से हुई है। मंगलवार को लड़की की शिनाख्त गांव कोल्हूगाढ़ा निवासी ब्रजकिशोर की अविवाहित पुत्री 22 वर्षीय शिल्पी के रूप में हुई। बंडा पुलिस कोल्हूगाढ़ा पहुंची तो परिवार के लोगों ने फोटो देखकर शव शिल्पी का होने से इंकार कर दिया था। शिल्पी के परिवार वालों का कहना था कि उसकी मौत बीमारी से होने के बाद शव को खीरी के पलिया क्षेत्र में शारदा नदी में जल प्रवाह कर दिया गया था।
एसओ रजी अहमद ने शव का डीएनए टेस्ट कराने की बात कही थी। इसके बाद बृहस्पतिवार को शिल्पी के परिवार के लोगों ने पुलिस को बताया कि शव शिल्पी का ही है। यहीं नहीं परिवार के लोग पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे और शव को लेने के बाद अंतिम संस्कार कर दिया।
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लोग सवाल उठा रहे हैं कि शिल्पी किसी बात से परिवार के लोगों से नाराज होकर घर से गायब हो गई थी तो इसकी सूचना पुलिस को क्यों नहीं दी गई? आत्महत्या करने के लिए वह घर से लगभग 20 किमी दूर क्यों गई? जबकि कोल्हूगाढ़ा से बंडा क्षेत्र तक रास्ते में तमाम तालाब आदि पड़ते हैं। शिल्पी के शव को परिवार के लोगों ने पहले पहचानने से इंकार क्यों कर दिया? परिवार के लोगों ने पुलिस को बताया था कि शिल्पी की मौत बीमारी से हुई है और उसका अंतिम संस्कार शारदा नदी में किया गया है। शव शारदा से गोमती नदी में कैसे पहुंच गया? जबकि दोनों नदियोें की दूरी कम से कम 60 किमी है। पुलिस इन सवालों का जवाब खोजने का प्रयास नहीं कर रही है।
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उधर, शिल्पी की मौत को लेकर गांव में तमाम तरह की चर्चाएं हैं। गांव के लोगों का कहना है कि पुलिस थोड़ा सा भी प्रयास कर दे तो शिल्पी की मौत का राज खुलते देर नहीं लगेगी। एसओ रजी अहमद ने बताया कि इस मामले में जल्द ही सच सामने लाया जाएगा।
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