भूमि अधिग्रहण आदेश और जम्मू-कश्मीर सरकार द्वारा की गई अलगाववादी नेता मसर्रत की रिहाई के विरोध में कांग्रेसियों ने बृहस्पतिवार को जमकर प्रदर्शन किया। आक्रोशित कांग्रेसियों ने पहले तो हाईवे पर जाम लगाया, फिर रनथ्रू ट्रेन को रेलवे स्टेशन के पूर्वी छोर पर रोककर अपनी ताकत का भी एहसास कराया। साथ ही केंद्र सरकार और राज्य सरकार के विरोध में जमकर नारेबाजी की। कांग्रेसियों को रोकने के लिए लगाई जीआरपी और आरपीएफ भी उनके विरोध के आगे कमजोर नजर आई।
पांच मिनट तक रोके रखी रनथ्रू जनसाधारण एक्सप्रेस
सवा 12 बजे के करीब कांग्रेस जिलाध्यक्ष कौशल मिश्रा के नेतृत्व में फुटओवरब्रिज होते हुए रेलवे स्टेशन पर पहुंचे कांग्रेसी कार्यकर्ताओं का आक्रोश उनकी नारेबाजी से साफ झलक रहा था। कांग्रेसियों ने प्लेटफार्म दो पर थॉमसगंज स्पेशल मालगाड़ी के इंजन पर खड़े होकर प्रदर्शन किया। इसके बाद कार्यकर्ता रेलवे लाइन पर बैठकर ट्रेन आने का इंतजार करने लगे। इसी दौरान अपलाइन पर जा रही जनसाधारण एक्सप्रेस को देखकर कांग्रेसी कार्यकर्ता ट्रेन रोकने को दौड़ पड़े। उन्हें रोकने के लिए जीआरपी और आरपीएफ के साथ सिविल पुलिस ने भी काफी प्रयास किए, लेकिन सफल नहीं हो सके। इस दौरान कार्यकर्ताओं की जीआरपी और आरपीएफ से कई बार नोकझोंक भी होती रही।
कार्यकर्ताओं का उग्र रूप देखकर जीआरपी इंस्पेक्टर ने इसकी सूचना स्टेशन अधीक्षक एके गौतम को दी। कुछ देर बाद पहुंची जनसाधारण एक्सप्रेस के चालक ने कार्यकर्ताओं और पुलिस की भारी भीड़ देखकर ट्रेन को पूर्वी छोर के लकड़ी पुल के पास 12:28 बजे रोक दिया। आक्रोशित कार्यकर्ता उसके इंजन पर चढ़ गए और 12:33 बजे तक ट्रेन को रोके रखा। विरोध प्रदर्शन के बाद कांग्रेसी कार्यकर्ता नारेबाजी करते हुए वापस लौट गए।
कांग्रेसियों ने 15 मिनट जाम किया हाईवे
इससे पहले कांग्रेस जिलाध्यक्ष के नेतृत्व में कांग्रेसी कार्यकर्ता नेशनल हाईवे पर पहुंचे। केंद्र सरकार की नीतियों के विरोध में नारेबाजी करते हुए कार्यकर्ताओं ने हाईवे पर जाम लगा दिया। इस पर चौकी इंचार्ज ने उन्हें रोकने की कोशिश की तो कार्यकर्ता उससे भिड़ गए। कार्यकर्ताओं ने करीब 15 मिनट तक हाईवे जाम कर नारेबाजी भी की। जिलाध्यक्ष मिश्रा ने कहा कि नरेंद्र मोदी ने जनता से जो झूठे वादे करके सत्ता हासिल की है, वे उन्हें पूरा करने में लाचार नजर आ रहे हैं। कहा कि संशोधन करके पारित हुआ भूमि अधिग्रहण बिल किसान विरोधी है। कहा कि मोदी सत्ता की मस्ती में जनता से किए वादों को भूल चुके हैं।
प्रदर्शन में इनकी रही सहभागिता
विरोध प्रदर्शन को सफल बनाने में पूर्व विधायक चेतराम, पूर्व जिलाध्यक्ष मानवेंद्र सिंह, शहर अध्यक्ष तस्नीम अली खां, युवा कांग्रेस के लोकसभा क्षेत्र अध्यक्ष अजय मिश्रा ‘रिंकू’, रोहित सिंह, इकबाल अहमद खां, कांग्रेस सेवा दल के शहर अध्यक्ष संजीव गुप्ता, अनूप वर्मा, दौलतराम, अमरजीत, फुरकान अहमद कुरैशी, अशफाक उल्ला खां, शाहिद अनवर कुरैशी, महिला जिलाध्यक्ष सावित्री शर्मा, अहमद अली खां, हस्सू खां, निरंजन गर्ग, रवि कैथवार, सुशील शुक्ला, अतित बागी, सुनीता सिंह, नीलम दीक्षित, प्रशांत कठेरिया, सगीर अहमद अंसारी आदि सैकड़ों कार्यकर्ता शामिल रहे।
क्या कहते हैं जिम्मेदार
जीआरपी इंस्पेक्टर डीके उपाध्याय ने कहा कि केंद्र सरकार के विरोध में कांग्रेसियों का प्रदर्शन था। इस दौरान उन लोगों ने स्टेशन और किसी भी ट्रेन में कोई तोड़फोड़ नहीं की। साथ ही यात्रियों से भी अभद्रता नहीं की गई। इससे मुकदमा दर्ज नहीं किया जाएगा।
आरपीएफ इंस्पेक्टर एसपी सिंह ने कहा कि पांच मिनट तक ट्रेन रोकी गई थी। अगर ज्यादा देरी रोकते तो कार्रवाई की जाती थी। विरोध के दौरान रेलवे संपत्ति को नुकसान नहीं पहुंचा है। इस वजह से मुकदमा नहीं दर्ज किया जाएगा।
रेलवे इंटेलीजेंस के दिनेश सिंह तोमर ने रनथ्रू ट्रेन रोकने और हुई वीडियोग्राफी की रिपोर्ट को रेलवे उच्चाधिकारियों को भेज दी है। आगे क्या होगा, इस बारे में उन्होंने कुछ भी नहीं कहा।
मौजूद रहा भारी पुलिस बल
कांग्रेसियों के धरना-प्रदर्शन को देखते हुए पहले से ही भारी पुलिस बल मौजूद था। जीआरपी इंस्पेक्टर ने जिला प्रशासन से पर्याप्त पुलिस बल मांगा था। इसी वजह से आरपीएफ महिला थानाध्यक्ष पुष्पलता भास्कर, निगोही इंस्पेक्टर केके यादव, अशफाकनगर चौकी इंचार्ज, रोजा चौकी इंचार्ज जयशंकर सिंह, अजय वर्मा, अमित सिंह आदि मौजूद थे।