पुलिस अभिरक्षा से शार्प शूटर की फरारी की घटना में लापरवाही पाए जाने पर गिरफ्तार वाराणसी के पांच पुलिसकर्मी शनिवार को रोजा थाना परिसर से लेकर शाहजहांपुर में रिमांड मजिस्ट्रेट के कोर्ट परिसर में पेश होने तक नजरें मिलाने से भी बचते रहे। इस केस के विवेचक रोजा थाना के एसआई ओम प्रकाश गौतम से लेकर क्राइम ब्रांच के सदस्यों ने हिरासत में लिए गए पांचों पुलिसकर्मियों से पूछताछ की लेकिन फरारी की कहानी के रहस्य से अभी परदा नहीं उठ पाया। इस बीच फरार रईस कनपुरिया की तलाश में वाराणसी और शाहजहांपुर पुलिस की चार टीमें लगाई गई हैं एवं रईस के कानपुर कनेक्शन को भी सिरे से खंगाला जा रहा है। उससे जुड़े अब तक उपलब्ध सभी मोबाइल नंबरों के काल डिटेल भी खंगाले गए हैं, लेकिन कोई ठोस सुराग पुलिस के हाथ नहीं लगा है।
शाहजहांपुर पुलिस को भेजे फैक्स संदेश में वाराणसी के एसएसपी ने इस पूरे प्रकरण में अभिरक्षा दल के सदस्यों गंभीर लापरवाही की जिक्र है और उसी लापरवाही बरतने में सीधे तौर पर लिप्त छह में पांच के खिलाफ केस दर्ज कर विधिक कार्रवाई यहीं करने को कहा गया क्योंकि वारदात यहीं हुई। इसी बीच सूत्रों ने बताया है कि अभी तक के तफ्तीश में सामने आया है कि इस प्रिजन वैन के पीछे रईस के साथी भी अपने वाहन से लगे हुए थे। हालांकि पूछताछ में गिरफ्तार पुलिसकर्मियों ने पूरे मार्ग में कहीं भी खाना खाने की बात का अधिकृत तौर पर लिखा - पढ़ी में जिक्र नहीं किया है लेकिन अनौपचारिक तौर पर लखनऊ - सीतापुर के बीच बृहस्पतिवार रात को खाना खाने की बात की जिक्र कई बार किया। इसी बिंदु पर जांच टीमें पूरी कहानी का रहस्य खोलने को रह - रहकर अपना ध्यान केंद्रित कर रही हैं कि ढाबे पर खाना खाने के बाद का किस्सा क्या रहा। अगले कुछ दिनों में यह किस्सा भी खुलने का संकेत है। जांच टीमों को अंदेशा यह भी है कि ढाबे पर खाने - पीने का खर्चा भी कहीं रईस ने ही तो अपने आदमियों से चुकता तो नहीं कराया और जिसके बाद वह अभिरक्षा में लगे पुलिसवालों को अपने भरोसे में ले लिया हो और बाद में उसी का फायदा उठाते हुए भाग निकला हो।
शाहजहांपुर के एसपी बबलू कुमार के अनुसार, तत्काल इस बारे में कुछ भी कहना जल्दबाजी होगी। जांच टीमें अपने काम में जुटी हैं और विवेचना में सारे तथ्य सप्रमाण सामने आने के बाद ही कुछ बताया जा सकेगा।