बंडा में फंदे पर लटके मिले दंपति के शव
कमरे के कुंडे में बिजली की केबल से साथ साथ लटके थे पति-पत्नी
अमर उजाला ब्यूरो
बंडा (शाहजहांपुरा। बंडा के गांव ढका घनश्याम में रविवार शाम छह बजे दंपति के शव घर के कमरे में बिजली की केबल से एक साथ लटके पाए जाने से खलबली मच गई। पुलिस का मानना है कि दंपति ने घरेलू कलह के चलते आत्महत्या की है, जबकि मृतक के पुत्र ने पिता, मां में किसी प्रकार के विवाद से इंकार किया है।
गांव ढका घनश्याम निवासी 35 वर्षीय सुनील कुमार के पिता रामसागर कानपुर में रहते हैं। सुनील का एक भाई सुशील दूसरे मकान में रहता है। सुनील की गांव में ही टेंट की दुकान है और वह अपनी पत्नी 32 वर्षीय सोनतारा और पुत्र 13 वर्षीय सौरभ के साथ अपने घर में रहते थे। सुनील का बड़ा पुत्र शेखर अपने बाबा के साथ कानपुर में रहता है। शेखर के अनुसार रविवार दोपहर बाद दो बजे वह दुकान गया था। उस समय घर में पिता, मां के बीच किसी प्रकार का विवाद नहीं था और घर में शांति थी। शाम पांच बजे वापस आने पर घर का गेट अंदर से बंद मिला और काफी देर तक आवाज देने के बाद भी दरवाजा नहीं खुलने पर वह पीछे से जीने के रास्ते अंदर पहुंचा और कमरे में झांक कर देखा तो पिता और मां बिजली की केबल से एक ही कुंडे में लटके मिले। घर में लगे लोहे के मुख्य द्वार के पास टेंट का तमाम सामान लगा दिया गया था, जिससे दरवाजा न खुल सके। शेखर के अनुसार यह सामान दरवाजे के पास नहीं रखा जाता था।
शेखर के शोर मचाने पर उसके चाचा सुशील कुमार और गांव के तमाम लोग मौके पर पहुंचे। दंपति को फंदे पर लटकता देख गांव में खलबली मच गई। तमाम लोग मौके पर आ पहुंचे। सूचना पाकर कार्यवाहक थानाध्यक्ष मोहम्मद आरिफ भी गांव पहुंचे और शवों को उतरवाकर कब्जे में ले लिया। उन्होंने बताया कि शवों का पोस्टमार्टम कराया जाएगा और रिपोर्ट मिलने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। शेखर ने किसी रंजिश से इंकार किया है।
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तीन घंटे में ऐसा क्या हुआ कि चली गई दंपति की जान?
बंडा। पुत्र शेखर ने पुलिस को बताया कि दोपहर दो बजे तक वह घर पर ही था। मां ने उससे दुकान पर जाने और पिता को भोजन के लिए घर भेजने को कहा। इस पर वह दुकान गया और पिता को घर भेज दिया। शेखर के अनुसार घर में पूरी तरह से शांति थी। अब सवाल उठता है कि तीन घंटे के बीच ऐसा क्या घटित हुआ, जिससे दो मौतें हो गईं। घर के मुख्य गेट को जिस तरह से टेंट की कुर्सियों, भगौनों और भारी सामान से घेरा गया है, उसका मुख्य मकसद यह लग रहा है कि यदि कोई घटना के दौरान आ जाए तो वह घर में न घुस सके। सवाल है कि यह सामान सुनील और उसकी पत्नी ने लगाया है या किसी और ने?
सुनील के पास ढाई एकड़ जमीन थी और टेंट की दुकान भी अच्छी चलती थी। गांव में उसका पक्का मकान बना हुआ है और किसी प्रकार की आर्थिक समस्या भी नहीं थी। गांव के कुछ लोगों ने नाम नहीं प्रकाशित करने के अनुरोध पर बताया कि सुनील और उसकी पत्नी के बीच कभी कभार विवाद होता था।
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सीओ बोले, प्रथम दृष्टया आत्महत्या का मामला
फोटो-35-गांव ढका घनश्याम में मौका मुआयना करते सीओ जितेंद्र सिंह
अमर उजाला ब्यूरो
बंडा। सीओ जितेंद्र सिंह घटना की सूचना पर मौके पर पहुंचे और मृतक दंपति के पुत्र से पूछताछ की। मृतक के पुत्र ने बताया कि छह माह पूर्व पिता की नाना और मामा से किसी को बात को लेकर कहासुनी हो गई थी, लेकिन वह कोई बड़ी बात नहीं थी। एक माह पूर्व पिता और मां के बीच हल्का विवाद हुआ था। गांव के अन्य लोगों से भी जानकारी ली गई। मृतक सुनील के भाई सुशील ने बताया कि उसके भाई की किसी से दुश्मनी नहीं थी।
सीओ ने बताया कि शुरूआती जांच से पता चला है कि दंपति ने आत्महत्या की है। अभी जांच चल रही है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट से ज्यादा जानकारी मिल सकेगी। पुलिस ने सभी पहलुओं पर गौर करते हुए जिला मुख्यालय से फोरेंसिक टीम बुलाई है। टीम ने तमाम स्थानों से फिंगर प्रिंट उठाए और अन्य साक्ष्य भी एकत्र किए।
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साढ़ू ने कहा पत्नी से मारपीट करता था सुनील
बंडा। दंपति की मौत की जानकारी पाकर मौके पर पहुंचे मृतक सुनील के साढ़ू बंडा के गांव ददिउरी निवासी रामसरन ने पुलिस को बताया कि सुनील शराब पीकर अक्सर अपनी पत्नी से मारपीट करता था। इससे तंग होकर सुनील की पत्नी अपने मायके जनपद कन्नौज के थाना इंदरगढ़ के गांव पचहटीपुर चली गई थी। एक माह पूर्व ही सुनील ससुराल से पत्नी को इस शर्त पर लाया था कि अब मारपीट नहीं करेगा। रामसरन ने बताया कि रविवार शाम उसे सुनील के पिता ने कानपुर से फोन कर सुनील और सोनतारा के फांसी लगा लेने की सूचना दी, तब वह गांव आया है।