शाहजहांपुर। बहनोई की हत्या का आरोप सिद्ध होने पर अष्टम अपर सत्र न्यायाधीश गोपाल उपाध्याय ने दो सगे भाइयों को आजीवन कारावास की सजा व 25-25 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है। दो आरोपियों को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया गया।
अभियोजन पक्ष के अनुसार तिलहर क्षेत्र के मोहल्ला केलरगंज निवासी रामकिशन ने दर्ज कराई गई रिपोर्ट में पुलिस को बताया कि 17 अगस्त 2001 की रात 9:20 बजे जब वह और उसका भाई सुरेश, बहनोई अशोक कुमार उर्फ मुन्ना दरवाजे पर बैठे थे, तभी उसका भाई राकेश उर्फ सुनील कुमार, सत्यपाल सिंह कार्यालय के पीछे गली से जैसे ही घर के सामने आए, तभी पीछे से सुनील के साले थाना सदर बाजार क्षेत्र के घंटाघर निकट टेलीफोन एक्सचेंज निवासी जितेंद्र प्रसाद उर्फ टीटू व पवन कुमार उर्फ वरुण हाथ में तमंचा लेकर आ गए और उन लोगों ने उसके भाई सुनील पर फायर कर दिए। इससे वह घायल होकर गिर गए। वह मोहल्लेे वालों की मदद से अपने भाई सुनील को लेेकर तिलहर सरकारी अस्पताल पहुंचे, जहां डॉक्टर ने भाई को मृत घोषित कर दिया। पीड़ित रामकिशन ने आरोप लगाया कि इस घटना में मारे गए उसके भाई की पत्नी सुनीता देवी व रमेश चंद्र का भी षड़यंत्र था। पुलिस ने मामले की विवेचना कर आरोप पत्र न्यायालय भेज दिया। अष्टम अपर सत्र न्यायाधीश गोपाल उपाध्याय ने सरकारी वकील सुनील कुमार सिंह द्वारा प्रस्तुत गवाहों के बयान व पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्य का अवलोकन करने के बाद आरोप सिद्ध होने पर जितेंद्र प्रसाद उर्फ टीटू व उसके भाई पवन कुमार उर्फ वरुण को आजीवन कारावास की सजा व 25-25 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है, जबकि मृतक की पत्नी सुनीता व रमेश चंद्र को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया।