फोटो-23,मारपीट में घायल कप्तान अपने घायल बेटे धर्मेंद्र की गोद में (बाद में कप्तान की मौत हो गई)
जमीन के चक्कर में भाइयों में फौजदारी, एक की जान गई
जमीन पर उपलों की बठिया हटाने पर हुआ विवाद, धारदार हथियारों से भी हमला
मृतक के दो बेटों और एक विपक्षी भाई का जिला अस्पताल में चल रहा इलाज
अमर उजाला ब्यूरो
शाहजहांपुर।
थाना मदनापुर क्षेत्र के गांव चंदापुर में जमीन पर कब्जे के विवाद में सगे भाइयों के बीच मंगलवार सुबह दस बजे लाठी-डंडे और धारदार हथियार चले, जिसमें एक भाई की जान चली गई जबकि मृतक के दो पुत्र और विपक्षी भाई घायल हो गया। मामले की सूचना पुलिस को दे दी गई है।
गांव चंदापुर निवासी 60 वर्षीय कप्तान सिंह मौर्या का अपने छोटे भाई नेत्रपाल मौर्या के बीच जमीन को लेकर विवाद चल रहा है। मंगलवार सुबह कप्तान ने नेत्रपाल से गांव के बाहर खेत किनारे लगी उपले की बठिया हटाने के लिए कहा। इसी बात पर दोनों भाइयों में गाली-गलौज होने लगा। विवाद बढ़ने पर नेत्रपाल के पक्ष में सबसे बड़े भाई श्रीकृष्ण भी अपने परिवार के सदस्यों के साथ लाठी-डंडा लेकर आ गए। इसी दौरान कप्तान के बेटे धर्मेंद्र सिंह और रविंद्र सिंह भी आ गए। दोनों पक्षों के बीच जमकर लाठी-डंडे और धारदार हथियार चले। इस घटना में कप्तान और उनके दोनों बेटे धर्मेंद्र व रविंद्र लहूलुहान हो गए। वहीं दूसरे पक्ष के श्रीकृष्ण को भी चोटें आईं हैं। गांव के कुछ लोगों ने जैसे-तैसे दोनों पक्षों को शांत किया। इसके बाद घायलों को मदनापुर पीएचसी ले जाया गया। जहां से कप्तान सिंह और उनके दोनों बेटों को जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। कप्तान के सिर में गंभीर चोट लगने के कारण उसने शाम 4:42 बजे इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। शाम को दूसरे पक्ष के श्रीकृष्ण को भी जिला अस्पताल लाया गया। कप्तान के शव को पुलिस ने जिला अस्पताल की मॉरचरी में रखवा दिया है।
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नहीं पहुंची यूपी 100 पुलिस और न ही 108 पहुंची
जमीन के विवाद में दो सगे भाइयों के बीच हुई फौजदारी की सूचना यूपी 100 को भी दी गई, लेकिन एक घंटे तक यूपी 100 की गाड़ी नहीं पहुंची और न ही घायलों को अस्पताल पहुंचाने के लिए 108 एंबुलेंस पहुंची।
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..तो जीवित होते उसके पिता
रविंद्र ने बताया कि गांव में मारपीट की घटना में उसके पिता कप्तान को गंभीर चोट लगी होने के कारण जिला अस्पताल लाने के लिए 108 पर कॉल की गई, लेकिन 108 नहीं पहुंची। इसके बाद उसने प्राइवेट गाड़ी बुक कराई और पिता को मदनापुर सीएचसी से जिला अस्पताल लाए। लोगों का कहना है यदि 108 पहुंच जाती तो उसके पिता को समय से इलाज मिल जाता। हो सकता है कि उसके पिता की जान बच जाती।
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जमीन को लेकर दो भाइयों के फौजदारी हुई थी। इसमें दोनों पक्षों के लोग घायल हुए हैं। अभी थाने तक कोई नहीं आया है। मामले की जानकारी की जा रही है। तहरीर मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।
इफ्तेखार अहमद, इंस्पेक्टर थाना मदनापुर
इफ्तेखार अहमद, इंस्पेक्टर मदनापुर