फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

वो भाग गया कहकर मार दी गोली

विज्ञापन
विज्ञापन
फ्लैग-हिमांशु एनकाउंटर केस में अपर सत्र न्यायाधीश के कोर्ट में हुई गवाही
विज्ञापन


दरोगा ने वह भाग गया.. वह भाग गया कहा और गोली चला दी

चश्मदीद किसान बोला, बाद में लड़के की लाश छोड़कर चली गई पुलिस

बरेली। शाहजहांपुर के छात्र हिमांशु के 12 साल पहले हुए फरीदपुर थाना क्षेत्र में हुए एनकाउंटर में मंगलवार को अपर सत्र न्यायाधीश रमेश दूबे के कोर्ट में गवाही हुई। घटना के चश्मदीद एक किसान ने कोर्ट को बताया कि दरोगा ने वह भाग गया.. वाह भाग गया कहते हुए फायर कर दिया। बाद में लड़के की लाश को मौके पर ही छोड़कर पुलिस चली गई।
फरीदपुर थाना क्षेत्र के गांव गुलाबनगर निवासी किसान विजेंद्र पाल ने कहा कि 12 साल पहले की घटना है। सुबह साढे़ नौ-दस बजे के वक्त वह अपने खेत पर थे। तभी एक मोटर साइकिल से तीन लड़के वहां से गुजरे। उनके पीछे पुलिस की जीप थी। लड़के सड़क पर मोटर साइकिल छोड़कर नहर पार करके खेतों में घुस गए। पीछे से दरोगा और दो सिपाही भी खेतों में घुस गए। दो लड़के अरहर के खेत में घुसे थे, जबकि एक लड़का सरसों के खेत मेें घुसा था। दरोगा रिवाल्वर लेकर सरसों के खेत में घुसा और फायर कर दिया। उसने दूसरा फायर यह कहते हुए किया कि वह भाग गया.. वह भाग गया। दरोगा फिर मेड़ पर आ गए और अरहर के खेत में घुसे लड़कों को हाथ उठाकर बाहर आने के लिए कहा। बोले, चुपचाप बाहर आ जाओ नहीं तो गोली मार देंगे। इस पर दोनों लड़के बाहर निकल आए। दरोगा ने उन्हें पकड़ लिया और जीप में बैठा लिया। उनकी बाइक भी जीप में लाद ली। जीप पर एसओ कटरा लिखा था।
विज्ञापन

बकौल विजेंद्र, गोली चलने की आवाज सुनकर कुछ और लोग भी वहां आ गए। पुलिस के जाने के बाद हम लोग लाही के खेत में गए तो वहां एक लड़के की लाश पड़ी थी। उसके माथे पर गोली लगी थी। इसके बाद प्रधान को जानकारी दी तो उन्होंने थाने पर फोन किया। पुलिस मौके पर पहुंची और देर तक गांव में रुकी। बाद में पुलिस और सीआईडी वाले गांव में तीन चार महीने बाद आए और मेरा बयान लिया।
विज्ञापन

घटना छह जनवरी, 2006 को हुई। इसकी रिपोर्ट मृतक हिमांशु के पिता अशोक गिहार ने लिखाई। रिपोर्ट प्रमुख सचिव गृह के आदेश पर लिखी गई थी। रिपोर्ट में उसने कहा कि उसका बेटा हिमांशु गिहार घटना वाले दिन क्रिकेट खेलने बाइक से अपने दो साथियों के साथ जा रहा था। तिलहर में किसी व्यापारी का अपहरण हुआ था। पुलिस ने नाकेबंदी कर रखी थी। तत्कालीन एसओ कटरा दिनेश सिंह ने उसकी बाइक रुकवाई। यह लोग नहीं रुके तो पुलिस जीप से पीछा करने लगी। पुलिस से डरकर हिमांशु और उसके दोस्त फरीदपुर के गांव गुलाबनगर में बाइक छोड़कर खेत में घुस गए। जहां पुलिस ने मुठभेड़ दिखाकर हिमांशु को गोली मार दी। सीबीसीआईडी ने मामले की विवेचना की। इस मामले में तत्कालीन एसओ कटरा दिनेश कुमार सिंह, सिपाही कमलेश, सिपाही सुरेश चंद्र, ड्राइवर अंजनी कुमार के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया गया। अब तक इस मुकदमे में छह लोगों की गवाही हो चुकी है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें