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ट्रक की चपेट में आकर पिता-पुत्र की मौत, गुस्साए लोगों ने लगाया जाम

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ट्रक की चपेट में आकर पिता-पुत्र की मौत, गुस्साए लोगों ने लगाया जाम
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जलालाबाद (शाहजहांपुर)। सोमवार देर शाम शाहजहांपुर रोड पर उबरिया मंदिर के पास हुए दर्दनाक हादसे में ग्रामीण व उसके दो साल के बेटे की मौत हो गई। हादसे के वक्त ग्रामीण अपने बीमार बेटे की दवा लेकर साइकिल से वापस घर लौट रहा था। इस हादसे में साइकिल चला रहा एक युवक भी घायल हुआ है। जिसे सीएचसी में भर्ती कराया गया है। मृतक बच्चा अपने मां-बाप की अकेली संतान था। इस हादसे के बाद गुस्साए घर वालों ने ग्रामीणों के साथ मिलकर शाहजहांपुर रोड पर पेड़ डालकर व ट्रैक्टर खड़ा कर जाम लगा दिया। करीब एक घंटे से ज्यादा समय तक जाम रहने से वाहनों की कतार लग गई। बबाल की आशंका से कई थानों की पुलिस को मौके पर बुला लिया गया। काफी प्रयास के बाद घरवालों ने रोड पर पड़े शव को हटाने दिया। तब आवागमन सुचारू हो पाया।
गांव पुरैना के पूर्वी गौंटिया निवासी 27 वर्षीय वीरेंद्रपाल के दो वर्षीय के बेटे सौरभ को सोमवार शाम अचानक उल्टी-दस्त शुरू हो गए। वीरेंद्र गांव के ही उमर शेर के साथ उसकी साइकिल से गांव उबरिया में डॉक्टर से दवा लेने आया। साइकिल उमर शेर चला रहा था जबकि पीछे कैरियर पर बच्चे को गोद में लेकर वीरेंद्र बैठ गया। शाम 7:30 बजे दवा लेने के बाद यह तीनों साइकिल से घर को चल दिए, जब साइकिल उबरिया मंदिर से कुछ आगे पहुंची, तभी पीछे से आ रहे तेज रफ्तार ट्रक ने साइकिल में टक्कर मार दी। टक्कर लगने से साइकिल समेत उछलकर तीनों लोग बीच रोड पर आ गिरे। इस दौरान ट्रक के पहिये के नीचे वीरेंद्र का सिर आ गया और उसकी मौके पर ही मौत हो गई, जबकि बच्चे व उमर शेर को राहगीरों की मदद से सीएचसी भिजवाया गया। जहां डॉक्टर ने बच्चे को भी मृत घोषित कर दिया। उमर शेर का अस्पताल में इलाज चल रहा है। हादसे की खबर मिलते ही परिजनों के साथ तमाम ग्रामीण मौके पर आ गए और उन्होंने ट्रैक्टर-ट्रॉली व पेड़ डालकर शाहजहांपुर रोड को जाम कर दिया। करीब एक घंटे से ज्यादा समय तक जाम लगा रहा और उसमें फंसे लोग बेहाल हो गए।
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एक झटके में उजड़ गई शांति देवी की दुनिया
रामनाथ के तीन लड़कों में वीरेंद्र सबसे छोटा था। तीन साल पहले उसकी शादी शांति देवी के साथ हुई थी एक साल बाद सौरभ का जन्म हो जाने पर परिवार की खुशियों में चार चांद लग गए लेकिन शायद शांति के नसीब में यह खुशी ज्यादा दिन के लिए नही थी और सोमवार की शाम एक हादसे ने पति व इकलौते बेटे को मौत की नींद सुलाकर शांति देवी की मांग और गोद दोनों को एक साथ सूना कर दिया। हादसे की खबर पाकर शांति बेसुध हो गई। होश आने के दौरान वह एक ही बात दोहराई जा रही थी कि आखिर भगवान ने उसे किस गलती की सजा दी।
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