बंडा (शाहजहांपुर)।
नगर के शिव बाबा राइस मिल में अवैध रूप से धान खरीद कर स्टाक किए जाने की शिकायत के बाद हुई छापामारी में मिल में धान की बोरियों की गिनती की गई। मिल में बने एक गोदाम में गेहूूं भी भरा पाया गया। रविवार को इस मामले में जिला पूर्ति अधिकारी ने मिल के दो साझीदारों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है। गोदाम में भरा गेहूं सीज कर दिया गया है और मिल के तमाम अभिलेख भी कब्जे में ले लिए गए हैं।
बंडा के शिव बाबा राइस इंडस्ट्रीज में अवैध रूप से खरीदकर धान भरे जाने की शिकायत मंडी निदेशक लखनऊ से की गई थी। शिकायत पर जिले के अधिकारियों को जांच के निर्देश दिए गए थे। अधिकारियों के निर्देश पर शनिवार को एसडीएम मोइनुल इस्लाम, जिला खाद्य विपणन अधिकारी रूपेश सिंह, जिला पूर्ति अधिकारी अजय कुमार सिंह ने भारी पुलिस बल के साथ राइस मिल में छापामारी की थी। अभिलेखों की जांच के बाद संदेह होने पर मिल के लगे धान के स्टाक की गिनती शुरू कराई गई थी। जो देर रात तक जारी रही। गिनती में पाया गया कि मिल में धान का 1398 क्विंटल स्टाक है, लेकिन मिल मालिक केवल 613 क्विंटल धान के ही अभिलेख दिखा सके। 785 क्विंटल धान खरीद अभिलेखों में दर्ज नहीं पाई गई।
इसके अलावा मिल परिसर में बने एक गोदाम पर शंकर ट्रेडिंग कंपनी का बोर्ड लगा पाया गया। अधिकारियों ने बताया कि गोदाम में भारी मात्रा मेें गेहूं भरा हुआ है, लेकिन अभिलेखों में मात्र 24 क्विंटल गेहूं का स्टाक ही दर्शाया गया है। मिल मालिक पवन कटियार, विपिन कटियार से गोदाम की चाबी मांगी गई तो मिल स्वामियों ने बताया कि गोदाम में भरे गेहूं पर एक्सिस बैंक का लोन है और गोदाम की चाबी बैंक में जमा है। जिस पर अधिकारियों ने गोदाम को सील करने के बाद बैंक से गेहूं स्टाक के कागजात मांगे हैं। प्रशासनिक कार्रवाई से भयभीत कुछ व्यापारियों ने कारोबार बंद कर जिले के कद्दावर नेताओं के यहां डेरा डाला है।
रविवार को जिला पूर्ति अधिकारी अजय कुमार सिंह ने दर्ज कराई रिपोर्ट में बताया कि शिव बाबा राइस इंडस्ट्रीज में 785 क्विंटल धान अवैध रूप से रखा मिला। गेहूं के गोदाम में भारी भारी मात्रा में गेहूं भरा होने की आशंका है। पुलिस ने मिल मालिक पवन कटियार और विपिन कटियार के खिलाफ धारा 409, 467, 468, 420, 470, 471, 461, 3/7 आईपीसी के तहत रिपोर्ट दर्ज कर ली है। एसओ राहुल सिंह ने बताया कि प्रशासनिक जांच अभी जारी है, इस कारण नामजदों की गिरफ्तार नहीं किया गया है। मिल मालिकों ने धान और गेहूं के स्टाक में कोई गड़बड़ी नहीं होना बताते हुए कहा कि जांच में सारी सच्चाई सामने आ जाएगी।