रुपये हड़पने को दीवान और सिपाही ने रुकवाई थी कार
दोनों पुलिस कर्मियों के खिलाफ जलालाबाद कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज
व्यापारी जैनेंद्र 50 लाख रुपये लेकर हरदोई से लौट रहे थे काशीपुर
अमर उजाला ब्यूरो
शाहजहांपुर/ जलालाबाद। काशीपुर के व्यापारी की कार से 50 लाख रुपये बरामदगी के मामले में पुलिस ने कई घंटे की पूछताछ के बाद व्यापारी की तहरीर पर एक दीवान और सिपाही के खिलाफ धोखाधड़ी व मौत का भय दिखाकर रुपये वसूल करने की धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कर ली है। दोनों आरोपियों को मंगलवार शाम कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया।
मूल रूप से उत्तराखंड के जिला अल्मोड़ा के मोहल्ला खत्याड़ी व हाल निवासी जिला ऊधमसिंह नगर के काशीपुर स्थित रामपुरम कॉलोनी के जैनेंद्र पांडे ने जलालाबाद कोतवाली में दर्ज कराई गई रिपोर्ट में कहा है कि वह गाड़ी नंबर डीएल 1 सी एक्स 9456 डस्टर गाड़ी से अपने चालक बरेली नगर कोतवाली के चौपला बगिया निवासी सुरेश के साथ अपने कुछ मित्रों का रुपया लेकर धान खरीद के लिए हरदोई गए थे। बाद में इरादा बदल गया इसलिए वापस जाने लगे, तभी तिलहर बाईपास पर बने अंडरपास के पास पहुंचे तो वहां एक वर्दीधारी दीवान सिविल ड्रेस वाले व्यक्ति (सिपाही सत्यदेव) के साथ आए और गाड़ी रुकवाकर कहा कि तुम्हारी गाड़ी में अवैध नकदी है, हम लोगों को तलाशी लेनी है। वर्दीधारी दीवान की नेम प्लेट पर महेंद्र सिंह लिखा था। सिविल ड्रेस वाले ने अपने आपको तिलहर एसओजी क्राइम ब्रांच का सब इंस्पेक्टर अभिषेक यादव बताया। इसके बाद दोनों गाड़ी में बैठ गए और कहा कि दस लाख रुपये दो, नहीं तो अवैध असलहा में जेल भेज देंगे। इसके बाद दोनों लोग डराते-धमकाते हुए तिलहर से जलालाबाद, मिर्जापुर, कलान की तरफ घुमाते रहे। मौका मिलने पर जैनेंद्र ने अपने सहयोगी को मोबाइल के जरिये जानकारी दी। कुछ समय बाद जलालाबाद पुलिस आ गई और दोनों को पकड़ लिया। सिविल ड्रेस वाले व्यक्ति के पास से एक तमंचा और एक कारतूस भी बरामद कर लिया। पुलिस ने मामले में जैनेंद्र की ओर से दोनों पुलिस कर्मियों के खिलाफ धारा 420,386 के तहत रिपोर्ट दर्ज कर ली। दोनों आरोपियों को कोर्ट में पेश किया गया। जहां से उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया।
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सिपाही सत्यदेव का लखनऊ हो चुका था स्थानांतरण
धमकाकर रुपये वसूल करने के मामले में दीवान महेंद्र सिंह के साथ आरोपी सिपाही सत्यदेव के खिलाफ जलालाबाद एसएसआई मनोज सहरावत की ओर से आर्म्स एक्ट में भी रिपोर्ट दर्ज की गई है। सत्यदेव का यहां जिले से 23 अक्तूबर को लखनऊ के लिए स्थानांतरण हो गया था लेकिन उसने लखनऊ पुलिस लाइन में आमद नहीं कराई और जिले में ही रह रहा था। वह यहां जिले में आठ वर्ष रहा और इस दौरान उसकी बंडा, जलालाबाद, मिर्जापुर आदि कई थानों में तैनाती रही।
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दोनों पुलिस कर्मियों पर हुई निलंबन की कार्रवाई
एसपी डॉ. एस चन्नप्पा ने बताया कि दीवान महेंद्र सिंह को निलंबित कर दिया गया है। साथ ही सत्यदेव का लखनऊ स्थानांतरण होने के कारण निलंबन की संस्तुति लखनऊ एसएसपी व उच्चाधिकारियों को भेजी गई है। 50 लाख की नकदी सरकारी खजाने में रखने के साथ ही इनकम टैक्स वालों को जानकारी दे दी गई है।
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पहले भी दागदार हो चुकी है वर्दी
आपराधिक घटना को अंजाम देने के मामले में जिले में पहले भी खाकी दागदार हो चुकी है। प्रदेश में बसपा सरकार में राज्यमंत्री अवधेश वर्मा के गनर ने सदर बाजार क्षेत्र में स्थित कारपोरेशन बैंक का एटीम साथियों के साथ मिलकर खोल लिया था।
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...कहीं ठगी के मामलों में भी तो नहीं है हाथ
शहर में कई स्थानों पर क्राइम ब्रांच के अधिकारी बनकर लोगों से ठगी के मामले जो सामने आएं हैं, उनको लेकर भी अब सवाल खड़े हो रहे हैं कि कहीं इन घटनाओं में तो इन आरोपी पुलिस कर्मियों का हाथ नहीं है। चार अक्तूबर को पूर्व कोटेदार से दो लोगों ने क्राइम ब्रांच का अधिकारी बनकर अंगूठी व सोने की चेन उतरवा लीं थीं।