नोट- यह खबर फर्रुखाबाद भी लगाई जा सकती है।
फोटो-26, कुलदीप हत्याकांड मामले में गिरफ्त में आए तीन हत्यारोपी, जानकारी देते एएसपी ग्रामीण।
कुलदीप हत्याकांड का खुलासा, तीन गिरफ्तार
चार किलो अफीम, तमंचा, कारतूस और चाकू बरामद
अफीम के रुपये के लेनदेन के विवाद में मारी थी गोली
अमर उजाला ब्यूरो
शाहजहांपुर। मिर्जापुर पुलिस ने फर्रुखाबाद के कुलदीप हत्याकांड का खुलासा करते हुए तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। शुक्रवार रात कलान के रास्ते पर पकड़े गए इन लोगों के पास से पुलिस ने चार किलो अफीम, तमंचा, कारतूस और चाकू बरामद किए हैं।
एएसपी ग्रामीण सुभाष चंद्र शाक्य ने बताया कि कुलदीप हत्याकांड में पकड़ में आए बरेली के फतेहगंज पूर्वी के गांव भिटारा निवासी लल्लाबाबू उर्फ संजीव शर्मा, हंसराम उर्फ हंसू व फतेहगंज के गांव वरगवे निवासी बृजकिशोर ने पुलिस को पूछताछ में बताया कि हम लोग फर्रुखाबाद के थाना मेरापुर के गांव उनरापुर निवासी रामनरेश व उसके बेटे कुलदीप के साथ मिलकर अफीम का व्यापार करते थे। 13 जून को हम लोगों ने अपने फरार साथियों भिटारा निवासी राजकुमार, थाना गढ़िया रंगीन क्षेत्र के गांव धुवला करीमनगर निवासी तेजराम, मीरानपुर कटरा क्षेत्र के गांव गढ़िया लाईखेड़ा निवासी बाबू खां, गांव रसेवन निवासी बृजेश मौर्या के साथ मिलकर अफीम के व्यापार के रुपये के लेन-देन को लेकर हुए विवाद में रामनरेश के पुत्र कुलदीप को लल्लाबाबू ने गोली मारकर हत्या कर दी। एएसपी ने बताया कि पकड़े गए लल्लाबाबू, हंसराम, बृजकिशोर के पास से 40 लाख रुपये कीमत की चार किलो अफीम, एक तमंचा, तीन कारतूस, दो चाकू बरामद हुए हैं। घटना की लल्लाबाबू के खिलाफ नामजद रिपोर्ट दर्ज होने के बाद खुलासे को थानाध्यक्ष चंद्र प्रकाश त्रिवेदी और सर्विलांस टीम को लगाया गया था।
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इस तरह की गई थी हत्या
रामनरेश अपने बेटे कुलदीप के साथ अफीम बेचने के लिए मिर्जापुर के गांव ढाई आया था, यहां तेजराम ने सौदा तय कराते हुए स्थान नीयत किया था कि कहां अफीम लेनी हैं और रुपये देने हैं। 13 जून की शाम लल्लाबाबू अपने साथियों के साथ साढ़े तीन लाख रुपये ऊपर नीचे असली व बीच में कागज लगाकर बनाई गई नकली नोट की गड्डी के साथ पहुंचा था। यहां उसने रामनरेश और कुलदीप को रुपये देकर जैसे ही अफीम हाथ में ली, तो उसने उन रुपयों पर भी झपट्टा मार दिया, जो रुपये अफीम खरीदने के बाद दिए थे। कुलदीप लल्लाबाबू और उनके साथियों से भिड़ गया था। इसी पर उसे लल्लाबाबू ने गोली मार दी थी। मृतक के पिता रामनरेश ने अफीम तस्करी की बात को छिपाते हुए लल्लाबाबू के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
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दिल्ली में करते थे अफीम तस्करी का काम
मिर्जापुर थानाध्यक्ष चंद्रप्रकाश त्रिवेदी ने बताया कि यह लोग दिल्ली में अफीम तस्करी का काम करते थे, पहली बार यहां तेजराम के जरिये अफीम तस्करी का यहां सौदा तय किया था, इसमें जब हत्या हो गई तो यह लोग पुलिस की गिरफ्त में आ गए। फरार लोगों की तलाश की जा रही है।