बंडा (शाहजहांपुर)। बैक कर्ज न चुका पाने पर नीलाम र्हुई जमीन पर कब्जा दिलाने एसडीएम व सीओ के साथ पहुंची राजस्व और पुलिस टीम ने किसान के छह एकड़ खेत पर खड़ी फसल जुतवाकर कब्जा दिला दिया। इससे आहत किसान की पत्नी ने अधिकारियों के सामने ही जहरीला पदार्थ खा लिया। महिला को बेहोशी की हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया है। जहां उसकी हालत खतरे से बाहर है। घटना के विरोध में पीड़ित परिवार की महिलाओं की पुलिस के साथ जमकर नोकझोंक हुई।
गांव हसनापुर के किसान तेजा सिंह और उसके पुत्र करनैल सिंह ने वर्ष 2002 में बैंक से 3.16 लाख का कर्ज लिया था। जिसकी दो किस्त अदा करने के बाद शेष 1.70 लाख रुपये का कर्ज अदा नहीं हो सका तो बैंक के पत्र पर तहसील की ओर से दोनों किसानों को आरसी जारी कर दी गई। इसके बाद भी कर्ज की राशि जमा नहीं होने पर चार वर्ष पूर्व गाटा संख्या 384, 385 की छह एकड़ जमीन को राजस्व विभाग ने खुटार के गांव लौहंगापुर निवासी अजीतपाल के नाम 9.96 लाख रुपये में नीलाम कर दिया। इस बाबत पीड़ित का आरोप है कि साठगांठ के चलते न ही नीलामी का कोई इश्तिहार प्रकाशित किया गया और न ही नीलामी के बारे में उन लोगों को कोई जानकारी दी गई। गुपचुप तरीके से आस्ट्रेलिया में रह रहे अजीतपाल के नाम जमीन नीलामी की प्रक्रिया पूरी कर फर्जी तरीके से उक्त जमीन का मुख्त्यारनामा कस्बा बंडा निवासी मनप्रीत सिंह के नाम करा दिया गया। पीड़ित किसान ने बताया कि जमीन नीलामी के समय कांग्रेस सरकार बनने पर उनका कर्ज भी माफ कर दिया गया था। नीलामी के बाद दोनों किसानों ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में याचिका दायर कर न्याय की गुहार की। जिसका वाद कोर्ट में लंबित है। इधर, मनप्रीत सिंह ने जमीन पर कब्जा लेने का प्रयास किया तो तेजा सिंह और करनैल सिंह ने सिविल कोर्ट शाहजहांपुर से 25 जुलाई 2017 तक उक्त जमीन के लिए यथास्थित का आदेश प्राप्त कर लिया। इसके बावजूद एसडीएम और सीओ ने दोनों किसानों की छह एकड़ जमीन पर खड़ी मक्का और धान की फसल को भारी पुलिस बल की मौजूदगी में बलपूर्वक जुतवा दिया।
खेत में खड़ी हरी भरी फसल नष्ट होते देख किसान तेजा सिंह की पत्नी जीत कौर ने एसडीएम अजय तिवारी और सीओ सुमित शुक्ला के सामने ही जहरीला पदार्थ खा लिया और प्रशासन मूकदर्शक बना रहा। जहरीला पदार्थ खाने से बेसुध हुई जीत कौर को परिवार के लोगों ने उपचार के बंडा के सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया है। डॉक्टरों ने महिला की हालत खतरे से बाहर बताई है।
ट्रैक्टर के आगे खड़ी हुई परिवार की महिलाएं
जमीन पर कब्जा दिलाने के लिए चली कार्रवाई में एसडीएम, राजस्व टीम और पुलिस बल को 11 बजे से तीन बजे तक कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। इस दौरान पीड़ित किसान तेजा सिंह और करनैल सिंह के परिवार की महिलाएं फसल जुतने से रोकने के लिए ट्रैक्टरों के आगे खड़ी हो गई। पुलिस को महिलाओं को हटाने के लिए बल प्रयोग करना पड़ा। इस मौके पर नायब तहसीलदार ज्ञानेंद्र प्रताप सिंह समेत लेखपाल, कानूनगो सहित राजस्व टीम मौके पर मौजूद रही। इस संबंध में एसडीएम अजय कुमार तिवारी का पक्ष जानने का प्रयास किया गया, लेकिन उनका फोन स्विच ऑफ बताता रहा।
मैं मौके पर पुलिस के साथ सुरक्षा की दृष्टि से मौजूद था। किसी भी आदेश और स्टे आदि के बारे में एसडीएम ही बता सकते हैं। महिला ने पुलिस के सामने जहरीले पदार्थ का सेवन नहीं किया है।
- सुमित शुक्ला, सीओ पुवायां