अल्हागंज थाना क्षेत्र के गांव रत्नापुर निवासी रमाकांत शुक्ला के 20 वर्षीय बेटे आशुतोष और 18 वर्षीय सत्यम् की रविवार रात हाईटेंशन तार की चपेट में आकर मौत हो गई थी। ग्रामीणों का आरोप है कि बिजली विभाग की लापरवाही से दोनों की जान गई है। तार टूटे होने की सूचना गांव वालों ने दो दिन पहले ही सब स्टेशन पर दे दी थी, लेकिन बिजली विभाग के कर्मचरियों ने न तो सप्लाई बंद की और न तार ही ठीक किया।
गांव रत्नापुर निवासी रमाकांत की पड़ोस के गांव वजीरपुर में गेहूं की फसल है। रविवार शाम उनके बेटे आशुतोष और सत्यम् खेत पर फसल देखने गए थे। रमाकांत ने नीलगायों से फसल की सुरक्षा के लिए खेत के चारों ओर कंटीले तार की बाड़ खींच रखी है। दोनों भाइयों ने जैसे ही खेत की बाड़ को छुआ तो करेंट की चपेट में आ गए। दोनों ने छटपटाकर वहीं दम तोड़ दिया। उधर से गुजर रहे कुछ ग्रामीणों ने इसकी सूचना थाने में दी थी। मौके पर पहुंची पुलिस ने आशुतोष और सत्यम् की पहचान कराके घटना की सूचना उनके परिवार वालों को दी। रमाकांत परिवार वालों के साथ खेत पर पहुंच गए। लोगों ने पुलिस को बताया था कि हाईटेंशन लाइन का तार शुक्रवार को टूट गया था, जिसकी शिकायत सब स्टेशन में की गई थी। बिजली विभाग के किसी कर्मचारी ने न तो सप्लाई बंद की और न ही लाइन ठीक करने की जरूरत समझी।
लाइन ठीक हो जाती तो नहीं होता हादसा
ग्रामीणों का कहना है कि शुक्रवार को हाईटेंशन तार टूटने के बाद पॉवर हाउस में शिकायत की गई थी, लेकिन बिजली विभाग का कोई भी कर्मचारी लाइन ठीक नहीं करने नहीं आया। इसके साथ ही टूटी लाइन की सप्लाई भी बंद नहीं की गई। हवा के झोंके में हाईटेंशन लाइन का तार खेत की बाड़ से छू गया, बाड़ में करंट आने से दोनों भाइयों की मौत हो गई।
दोनों बेटों की मौत से रमाकांत बदहवास
रमाकांत के दोनों बेटे बहुत होनहार थे। बड़ा बेटा आशुतोष, फर्रुखाबाद के एक डिग्री कॉलेज में बीए फाइनल की पढ़ाई कर रहा था, वहीं छोटा बेटा सत्यम् अल्हागंज के एक इंटर कॉलेज में इंटर का पेपर दे रहा था। सोमवार को सत्यम् का पेपर भी था। उनकी बेटी रागिनी बीए की पढ़ाई कर रही है। दोनों बेटों की मौत से रमाकांत बदहवास हो गए हैं। पत्नी मीना देवी का रो-रोकर बुरा हाल है। रागिनी उन्हें समझाने का प्रयास कर रही है। एक साथ हुई भाइयों की मौत से गांव में सन्नाटा है। गांव के सभी लोग रमाकांत के परिवार वालों को ढाढ़स बंधा रहे हैं।
पोस्टमार्टम पर लगा रिश्तेदारों का तांता
घटना की खबर मिलने के बाद रमाकांत के रिश्तेदार और आशुतोष-सत्यम् के कई दोस्त भी पोस्टमार्टम हाउस पहुंच गए। पूर्वी केंद्रीय राज्यमंत्री जितिन प्रसाद ने पोस्टमार्टम हाउस पहुंचकर मृतकों के परिवार वालों को सांत्वना दी। पोस्टमार्टम हाउस बड़ी संख्या में लोगों की भीड़ जमा हो गई।
दोनों भाइयों का एक साथ किया गया अंतिम संस्कार
सोमवार की शाम घटियाघाट पर दोनों भाइयों का अंतिम संस्कार कर दिया गया। रमाकांत ने दोनों बेटों को मुखाग्नि दी। अंतिम संस्कार में बड़ी संख्या में रिश्तेदार और ग्रामीण शामिल हुए।
इससे पहले भी हो चुकी हैं कई घटनाएं
पड़ोस के गांव चिलौआ में छह महीने पहले हाईटेंशन तार की चपेट में आकर संदीप सिंह की मौत हो गई थी। करीब एक माह पहले कोयला गांव में सात गाय करंट की चपेट में आकर मर गईं थीं।
एसडीओ ने मौका मुआयना कर शुरू की विभागीय जांच
शाहजहांपुर। अल्हागंज क्षेत्र के वजीरपुर गांव में 11 केवी लाइन के टूटे तार से करंट की चपेट में आए दो सगे भाइयों की मौत के मामले की पॉवर कारपोरेशन के अफसरों ने विभागीय जांच शुरू कर दी है। विद्युत वितरण खंड प्रथम के अधिशासी अभियंता अशोक सुंदरम् के निर्देश पर जलालाबाद के उपखंड अभियंता मनीष चौबे ने सोमवार को पुलिस और विभागीय स्टाफ की मौजूदगी में घटनास्थल का निरीक्षण किया।
एसडीओ चौबे ने पहले दिन जांच को इस बिंदु पर केंद्रित किया कि करंट की चपेट में आए गांव रत्नापुर निवासी के बेटे सत्यम् और हैप्पी 11 केवी लाइन के टूटे तार के संपर्क में आए या फिर नीलगाय भगाने को खेत के चारों ओर लगाई गई कटीले तारों की फैंसिंग में उतरे करंट की चपेट में आकर मौत का शिकार बने। हालांकि, एक्सईएन सुंदरम् भी मानते हैं कि कटीले तारों की बाड़ में आए करंट की चपेट में आने से घटना की गंभीरता और क्षेत्रीय कर्मचारियों की जवाबदेही कम नहीं हो सकती।
एक्सईएन के अनुसार जांच इन बिंदुओं पर भी की जाएगी कि लाइन कब टूटी, इसकी सूचना नजदीकी पॉवर सब स्टेशन को कब और किसके स्तर से दी गई। इसके अलावा फाल्ट की सूचना मिलने पर किसी कर्मचारी ने फाल्ट को अटेंड क्यों नहीं किया। उन्होंने बताया कि दोनों मृतक भाइयों के आश्रितों को मुआवजा दिलाने केलिए फॉर्म-44 भरने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। आगे की कार्रवाई में पोस्टमार्टम रिपोर्ट भी अहम भूमिका निभाएगी।
मासूम की करंट से मौत
मिर्जापुर। क्षेत्र के गांव बेहटा जंगल निवासी सीताराम यादव ने बताया कि उनके घर के पास बिजली का ट्रांसफार्मर लगा है। इससे एक तार नीचे लटक रहा था और उसमें करंट प्रवाहित था। दरवाजे पर खेल रही उनकी ढाई साल की पुत्री अंकिता इसकी चपेट में आ गई। उसकी मौके पर ही मौत हो गई। बच्ची की मौत से घर में कोहराम मच गया। घरवालों ने इसकी थाने पर दी। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर उसे पोस्टमार्टम को भेज दिया।