पुवायां (शाहजहांपुर)। पुवायां की जिला सहकारी बैंक में रविवार रात चोरों ने नकब लगाकर मॉनीटर, एलईडी बल्ब आदि चोरी कर लिया। इसी बैंक में दो बार पहले भी चोरी की कोशिश की जा चुकी है। प्रबंधक लालचंद सोनकर की तहरीर पर पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर ली है।
पुवायां में शाहजहांपुर रोड पर बीआरसी भवन के पास जिला सहकारी बैंक की शाखा है। बैंक के पड़ोस में पुवायां के ही चांद मियां की खाद की दुकान है। रविवार रात चोरों ने चांद मियां की दुकान की टीन हटा दी और अंदर घुस गए। चांद मियां की दुकान से दीवार में नकब लगा कर चोर बैंक में घुस गए। चोर पहले भी एक बार इसी स्थान से नकब लगाकर बैंक में घुसे थे, लेकिन कोई सामान चोरी नहीं हुआ था।
चोरों ने बैंक के अंदर चैनल आदि के ताले तोड़ दिए और स्ट्रांग रूम तक भी जा पहुंचे, लेकिन चोर स्ट्रांग रूम के चैनल में पड़े तीन तालों में एक को ही तोड़ सके। स्ट्रांग रूम में लगभग 11 लाख रुपये मौजूद थे। इसके बाद चोरों के बैंक के सीसीटीवी कैमरे तोड़ डाले और कंप्यूटर का एक मॉनीटर, एलईडी लाइट, एक सीसीटीवी कैमरा आदि चोरी कर ले गए। सोमवार को कर्मचारी बैंक खोलने पहुंचे तो नकब लगी देख खलबली मच गई। सूचना पाकर पुलिस भी मौके पर पहुंची और निरीक्षण किया। इसके बाद शाखा प्रबंधक लालचंद्र सोनकर ने पुलिस को तहरीर दी। बैंक में दो पहले भी चोरी का प्रयास किए जाने के बाद भी कोई चौकीदार नहीं रखा गया है।
दो बार पहले हो चुका है चोरी का प्रयास
पुवायां। जिस जिला सहकारी बैंक में रविवार रात नकब लगाई गई है, उसमें दो बार पहले भी चोरी का प्रयास किया जा चुका है। पहले चोरी के प्रयास भी शनिवार और रविवार रात में किए गए थे।
एक खास बात और कि जिस जगह दस मार्च की रात नकब लगाई गई, उसी स्थान पर 16 अप्रैल 2016 को भी नकब लगाई गई थी। हालांकि तब भी चोरी नहीं हो सकी थी। बैंक का मजबूत स्ट्रांग रूम चोरों के आड़े आ गया था। 22 मार्च 2013 को भी चोरों ने बैंक की छत काटकर चोरी का प्रयास किया था। दोनों मामलों में पुलिस ने रिपोर्ट तो दर्ज की थी, लेकिन चोरों का पता न लगाकर मामले में एफआर लगा दी थी। दोनों घटनाओं को पुलिस ने समाप्त कर दिया। इस कारण चोरों के हौसले बुलंद हो गए और उन्होंने तीसरी बार बैंक को निशाना बनाने की कोशिश की।
बैंक के पीछे बीआरसी परिसर जुआरियों का अड्डा
पुवायां। जिला सहकारी बैंक के पीछे बीआरसी परिसर जुआरियों और शराबियों का अड्डा है। परिसर में स्कूल भी है। स्कूल चलने के समय भी यहां असामाजिक तत्व मड़राते रहते हैं। शाम होते ही यहां जुआरी एकत्र होकर जुआ खेलते हैं और शराब पीकर हंगामा करते हैं। शिक्षक इस मामले में कई बार लिखित और मौखिक शिकायत कर चुके हैं, लेकिन पुलिस ध्यान देना तो दूर मौके पर जाने की जरूरत नहीं नहीं समझती है।
पुवायां के बैंकों में चोरी की प्रमुख घटनाएं
-10 मई 2011 : पुवायां की स्टेट बैंक में दिनदहाड़े 44 लाख की डकैती।
- 17 जनवरी 2013 : पुवायां की बड़ौदा पश्चिमी ग्रामीण बैंक में डकैती।
- 28 जनवरी 2013 : पुवायां में एसबीआई का एटीएम तोड़ने की कोशिश।
- 22 मार्च 2013 : पुवायां की जिला सहकारी बैंक में छत काट कर चोरी की कोशिश।
- 30 अक्तूबर 2014 : पुवायां में पीएनबी में नकब लगाकर चोरी की कोशिश।
- 17 दिसंबर 2014-पुवायां के गांव मझिगवां में बड़ौदा पश्चिमी ग्रामीण बैंक के ताला तोड़कर चोरी की कोशिश।
- 01 मार्च 2015 : पुवायां में बैंक आफ बड़ौदा की एटीएम मशीन तोड़ने की कोशिश।
- 21 अप्रैल 2016-पुवायां में जिला सहकारी बैंक में नकब लगाकर चोरी की कोशिश।
बैंक में चोरी की रिपोर्ट दर्ज हुई है। इस बात की भी जांच होगी कि रात में कौन से पुलिसकर्मी उधर गश्त पर थे। जल्द ही घटना का खुलासा किया जाएगा।
प्रवीण कुमार, सीओ पुवायां