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72 घंटे बीत जाने के बाद भी पकड़ से दूर हैं साध्वी प्रकरण के आरोपी

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72 घंटे बाद भी पकड़ से दूर हैं साध्वी के आरोपी
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रसूखदार होने की वजह से आरोपियों को गिरफ्तारी करने से बच रही है पुलिस
दहशत में परिजन, साध्वी की हालत दिन पर दिन होती जा रही नाजुक
अमर उजाला ब्यूरो
शाहजहांपुर। तिलहर के मोहल्ला बहादुरगंज निवासी साध्वी कोयल गिरि उर्फ सीमा वर्मा को जलाने के मामले में नामजद किए गए आरोपियों को पुलिस रिपोर्ट दर्ज होने के 72 घंटे बाद भी गिरफ्तार नहीं कर पाई है। वहीं साध्वी का परिवार घटना के बाद से दहशत में है। उधर, बरेली स्थित ईशान अस्पताल में भर्ती कोयल गिरि की हालत नाजुक होती जा रही है।
प्रापर्टी विवाद को लेकर हुए इस घटनाक्रम में साध्वी ने सीधे तौर पर यह भी आरोप लगाया है कि वह मामले की शिकायत लेकर डीएम और एसपी के पास भी गई लेकिन उनकी नहीं सुनी गई। इससे विपक्षियों के हौसले बुलंद होते चले गए। साध्वी की मां के मुताबिक 23 नवंबर को लखनऊ से लौटने पर घर के पास रात आठ बजे कस्बे के मोहल्ला कुंवरगंज निवासी राइस मिलर पंकज गुप्ता ने अपने भाइयों सुशील बाबू गुप्ता, अनिल गुप्ता व साथी मोहल्ला दातागंज निवासी अनुराग गुप्ता के साथ मिलकर बेटी कोयल गिरि को घेर लिया और उसके ऊपर मिट्टी का तेल छिड़क कर आग लगा दी। बेटी भाग कर घर के अंदर पहुंची और कमरे में जाकर बेहोश हो गई। घटना के बाद आरोपी भाग गए। इस मामले में दौलत गिरि नाम के अज्ञात शख्स को भी नामजद किया गया है। उस पर कॉल करके आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल करके धमकाने का आरोप है। घटना की 24 नवंबर को रिपोर्ट दर्ज होने के बाद पुलिस अभी तक आरोपियों को पकड़ नहीं पाई है। पुलिस पर आरोप लग रहे हैं कि आरोपी रसूखदार हैं, इसलिए पुलिस इन लोगों की गिरफ्तारी से बच रही है।
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आरोपियों की खंगाली जा रही कॉल डिटेल
साध्वी प्रकरण में पुलिस ने जांच तेज कर दी है। रविवार को कुछ लोगों के बयान लेने के बाद पुलिस ने इस प्रकरण में आरोपियों के मोबाइल नंबर सर्विलांस पर लगाने के साथ ही उनकी मोबाइल कॉल डिटेल खंगाली जा रही है। आग से झुलसी अवस्था में साध्वी कोयल गिरि के बयान वाला जो वीडियो वायरल हुआ। विवेचना में पुलिस उसे भी गंभीरता से ले रही है। पुलिस कॉल डिटेल के जरिये यह जानने की कोशिश में लगी है कि घटना के दौरान या उसके आगे पीछे के दिनों में आरोपियों की कोयल गिरि बात हुई या नहीं। इसके अलावा घटना वाले दिन आरोपियों की लोकेशन कहां थीं।
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दौलत गिरि को तलाश करना पुलिस के लिए टेढ़ी खीर
साध्वी की मां रामलली की ओर से नामजद कराए गए लोगों ने दौलत गिरी नाम के अज्ञात शख्स को तलाश करना पुलिस के सबसे बड़ी चुनौती है। क्योंकि दौलत गिरि कहां का रहने वाला है। यह बात तो साध्वी के परिजन भी नहीं जानते हैं और आरोपियों को भी दौलत गिरि के बारे में कोई जानकारी नहीं है।
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साध्वी का मोबाइल घटना के बाद से गायब
मामले की विवेचना कर रहे इंस्पेक्टर अशोक पाल का कहना है कि घटना के बाद से साध्वी का मोबाइल गायब है। परिजनों से जब साध्वी के मोबाइल नंबर की जानकारी चाही तो परिजनों ने कह दिया कि उन्हें साध्वी कोयल गिरि का नंबर नहीं मालूम है। हालांकि पुलिस अब अपने स्तर से कोयल गिरि का नंबर तलाश करने में जुटी है।
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कलमबंद बयानों का अवलोक करने बरेली गए विवेचना अधिकारी
मामले की विवेचना कर रहे इंस्पेक्टर अशोक पाल साध्वी के लिए मजिस्ट्रेट द्वारा लिए गए कलमबंद बयानों का अवलोकन करने के लिए सीजेएम बरेली पहुंच गए हैं। क्योंकि कलमबंद बयान भी इस विवेचना में महत्वपूर्ण हैं।
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घटना की गहराई से जांच की जा रही है। कॉल डिटेल के साथ ही अन्य साक्ष्यों को भी इकट्ठा किया जा रहा है। इसके बाद ही गिरफ्तारी की कार्रवाई की जाएगी।
डॉ. एस चन्नप्पा, एसपी
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