शाहजहांपुर/ रौसरकोठी। चार दिन से लापता युवक का शव बुधवार सुबह थाना रामचंद्र मिशन क्षेत्र में हरदोई बाईपास पर सड़क किनारे खाली मैदान में पानी भरे गड्ढ़े में औंधे मुंह पड़ा मिला। घरवाले हत्या की आशंका जता रहे हैं। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। पीएम रिपोर्ट मिलने के बाद कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
थाना रामचंद्र मिशन क्षेत्र के मोहल्ला चमकनी गाड़ीपुरा निवासी जगन्नाथ का पुत्र 35 वर्षीय संजय कुमार रविवार सुबह पत्नी सीमा से कहकर गया था कि वह घोड़ा चराने हरदोई बाईपास पर सड़क किनारे खाली प्लाट पर जा रहा है। वह दिन में करीब दो बजे खाना खाने घर आया और फिर घोड़ों के पास चला गया। देर शाम तक वह वापस नहीं आया तो घरवालों को चिंता हुई। धनीराम उर्फ बाबाजी छोटे भाई को तलाश करने हरदोई बाईपास पर पहुंचे तो वहां घोड़े तो चर रहे थे, लेकिन भाई संजय नजर नहीं आया। इधर-उधर तलाशने पर उसका पता नहीं चला। जानवर चराने आने वाले अन्य लोगों से भी उसके बारे में जानकारी की गई, लेकिन किसी ने कुछ नहीं बताया। अगले दिन मामले की सूचना पुलिस को देने के बाद घरवाले उसकी तलाश में लगे रहे। बुधवार सुबह उसकी लाश बरसाती पानी से भरे गड्ढ़े में औंधे मुंह पड़ी मिली। मामले की जानकारी पुलिस को दी गई। इंस्पेक्टर गजेंद्र सिंह पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंच गए और घटना की जानकारी कर शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम को भेज दिया है। घरवाले संजय की हत्या की आशंका जाहिर कर रहे हैं। वहीं किसी से दुश्मनी होने से भी इंकार कर रहे हैं। मृतक के एक पांच साल की बेटी नैना व डेढ़ साल का बेटा धर्मवीर है। घटना से मृतक की पत्नी सीमा का रो-रोकर बुरा हाल है। संजय जहानीखेड़ा में स्थित एक ईंट भट्ठे पर घोड़ों से ईंट ढुलाई करता था।
इधर, घटना की जानकारी मिलने पर एएसपी सिटी दिनेश त्रिपाठी, सीओ सिटी सुमित शुक्ला भी फॉरेंसिक टीम और डॉग स्क्वॉयड के साथ मौके पर पहुंचे और मामले की पड़ताल कर पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद घर वालों को कार्रवाई का आश्वासन दिया।
तीन-चार दिन पुराना बताया जा रहा शव
घरवालों के मुताबिक जिस स्थान पर बुधवार सुबह लाश मिली उस स्थान पर वे लोग पहले भी देखकर गए थे, लेकिन तब संजय का वहां नहीं था। अब जो शव मिला है वह तीन से चार दिन पुराना है। उसमें दुर्गंध उठ रही है। उसमें कीड़े भी पड़ गए। घरवालों के मुताबिक शव को तेजाब से जलाने की कोशिश भी की गई, ताकि पहचान न हो सके।
पुलिस गंभीर होती तो बच सकती थी संजय की जान
मृतक संजय के घरवालों के मुताबिक रविवार को बारिश हो रही थी। इसलिए हरदोई बाईपास पर संजय को तलाशने के बाद वे लोग घर आ गए। अगले दिन सोमवार को गुमशुदगी की तहरीर दी। पुलिस ने संजय को तलाशने में कोई दिलचस्पी नहीं दिखाई और खुद तलाश करने की बात कहकर टरका दिया। यदि पुलिस ने गुमशुदगी को गंभीरता से लिया होता तो शायद संजय की जान नहीं जाती। वहीं थाना पुलिस का कहना है कि मृतक के घरवाले मौखिक सूचना देकर तलाश करने चले गए थे।