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छेड़छाड़ के दोहरे हत्याकांड में तीन गिरफ्तार

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रोजा(शाहजहांपुर)। क्षेत्र के गांव जमुही में छेड़छाड़ की रंजिश को लेकर हुए दोहरे हत्याकांड में पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। इनमें एक पक्ष के दो और दूसरे पक्ष के एक व्यक्ति को पकड़ने में पुलिस को कामयाबी मिली है। अन्य फरार आरोपियों की तलाश में तीन टीमें लगी हुई हैं।
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जमुही गांव निवासी सोनू कठेरिया की सोमवार सुबह गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस घटना के बाद सोनू के परिजनों ने विपक्षी संतोष गुप्ता के बड़े भाई माया प्रकाश की लाठी-डंडों से पीट-पीटकर हत्या कर दी थी। इस घटना के बाद एक पक्ष के मृतक मायाप्रकाश के भाई संतोष ने 12 लोगों, वहीं दूसरे पक्ष के मृतक सोनू के चचेरे चाचा लालाराम ने सात लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की थी। पुलिस ने संतोष को घटना वाले दिन ही हिरासत में ले लिया था। दोनों पक्ष के हत्यारोपियों की गिरफ्तारी को एसपी डॉक्टर एस चन्नप्पा ने तीन टीमें गठित की। देर रात पुलिस ने कई स्थानों पर दबिश डाली। इस दौरान पुलिस टीम ने मृतक माया प्रकाश के भतीजे कमल किशोर पुत्र संतोष व दूसरे पक्ष के मृतक सोनू के परिवार के ओमकार को गिरफ्तार कर लिया। घटना में नामजद फरार अन्य आरोपियों की तलाश में पुलिस टीमें संदिग्ध स्थानों पर दबिशें दे रही हैं। मंगलवार देर शाम तक पुलिस की गिरफ्त में केवल तीन हत्या के आरोपी ही आ सके थे, बाकी की तलाश की जा रही है। थानाध्यक्ष सुरेश कुमार का कहना है कि तीन हत्या के आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। फरार आरोपियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा। दबिशें दी जा रही हैं।

दर्द से तड़पती रही रामदेवी चौबीस घंटे बाद मिला इलाज
सोनू की गोली से हत्या के बाद सोनू के परिजनों ने संतोष की मां रामदेवी व परिवार के अन्य लोगों को लाठी-डंडे, धारदार हथियार से जमकर पीटा था। इस घटना में संतोष की मां रामदेवी के हाथ जख्मी हो गए थे। इस घटना के बाद पुलिस गांव में तैनात रही, रामदेवी जख्म लिए दर्द से तड़पती रही लेकिन पुलिस ने एक नहीं सुनी। मंगलवार को पुलिस ने उसे मरहम पट्टी के लिए अस्पताल भेजा।
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माया प्रकाश के शव का रिश्तेदारों ने किया अंतिम संस्कार
शव का पोस्टमार्टम कराए जाने के बाद सोनू के शव को उसके परिजन गांव लिए गए। उसके शव को पुलिस मौजूदगी में सुपुर्द-ए-खाक कर दिया गया, जबकि मायाप्रकाश के शव को लेने उसके परिवार के लोग नहीं पहुंच पाए क्योंकि घटना के बाद से मायाप्रकाश के परिवार के लोग भागे हुए हैं। उसके शव को रिश्तेदारों ने लिया और गांव न ले जाकर शहर में खन्नौत नदी के पास स्थित मोक्षधाम में अंतिम संस्कार कर दिया।

दूसरे दिन भी गांव में पसरा सन्नाटा, दहशत
जमुही गांव में घटना के बाद दूसरे दिन भी सन्नाटा पसरा रहा, वहीं सुरक्षा के कारण पुलिस फोर्स की गांव में मौजूदगी बनी हुई है। गांव में बाहर से आने-जाने वाले हर शख्स को गांव की महिलाएं-बच्चे अचरज भरी नजर से देख रहे हैं। उनके चेहरे पर दहशत का भाव अब भी बना हुआ है।
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