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महिला की गिरफ्तारी पर अगवा बच्ची बरामद

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शाहजहांपुर/मिर्जापुर। मिर्जापुर थाना क्षेत्र के गांव पिपरिया नगला से एक माह पहले लापता हुई 11 वर्षीय बच्ची लक्ष्मी को पुलिस ने पड़ोसी गांव सरैया निवासी एक महिला जमुना देवी के चंगुल से बरामद कर लिया। वह उसे दिल्ली किसी के घर काम पर लगवाकर उसके जरिये धन लाभ पाना चाहती थी। पुलिस ने आरोपी महिला के खिलाफ अपहरण के तहत कार्रवाई की है।
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गांव पिपरिया नगला निवासी अविरल के साथ उसकी 11 वर्षीय साली लक्ष्मी रहती थी। 27 मई को अचानक वह लापता हो गई। इस संबंध में अगले दिन अविरल ने गुमशुदगी दर्ज कराई। जिस पर पुलिस ने पड़ताल शुरू की तो सरैया गांव की जमुना देवी पत्नी राकेश का नाम प्रकाश में आया। पुलिस टीम ने मंगलवार सुबह 10:30 फर्रुखाबाद रोड पर ढाई चौराहे के पास जमुना देवी को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से अपहृत लक्ष्मी को बरामद कर लिया। पूछताछ में लक्ष्मी ने बताया कि वह अपने जीजा अविरल, बहन रीता के साथ रह रही है। उसे बहन रीता ने डपट दिया था। इस वजह से गुस्से में आकर वह सरैया गांव निवासी जमुना देवी के घर पहुंच गई। जमुना देवी के घर लक्ष्मी पहले से ही आती-जाती थी। वह जमुना देवी के घर तीन दिन रही। एक दिन उसका भाई सूरज उसे देखने आया तो उसे जमुना देवी ने चारपाई के नीचे छिपा दिया और सूरज से कह दिया कि लक्ष्मी यहां नहीं है। इसके बाद जमुना देवी ने उसे गांव के ही रामनिहोर के साथ नोएडा यह कहकर भेज दिया कि यह मेरी छोटी बहन है, चार दिन बाद आकर इसे ले जाऊंगी। रामनिहोर उसे साथ ले गया लेकिन जैसे ही उसे पता चला कि वह जमुना की बहन नहीं है तभी उसने उसे जमुना के पास लोकर छोड़ दिया। जमुना उसे कही बाहर ले जा रही थी, तभी पुलिस ने पकड़ लिया। पुलिस ने बच्ची को उसके पिता भानुप्रताप सिंह व मां की सुपुर्दगी में दे दिया।
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