फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

संदिग्ध हालात में युवक का शव मिला, हत्या की आशंका

विज्ञापन
विज्ञापन
जलालाबाद (शाहजहांपुर)। कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला आजाद नगर निवासी युवक अपने घर से कुछ कदम दूर सड़क किनारे मृत अवस्था में पड़ा मिला। गर्दन में जख्म होने से हत्या की आशंका है। सीओ, कोतवाल ने तफ्तीश के बाद शव पोस्टमार्टम को भेज दिया है। युवक की मौत से परिजनों में कोहराम मच गया। पूछताछ में परिजन किसी से रंजिश होने से इनकार रहे हैं। पुलिस ने शक होने पर दो लोगों को हिरासत में लिया है।
विज्ञापन

आजादनगर मोहल्ले के सत्येंद्र सिंह का पुत्र ज्ञानेंद्र सिंह उर्फ सोनू (37 वर्षीय) अपनी डग्गामार जीप से मिर्जापुर रूट पर सवारियां ढोता है। बृहस्पतिवार शाम छह बजे उसने जीप घर पर खड़ी कर दी और कुछ दूर प्राइवेट जीप अड्डे पर चला गया। देर तक घर न लौटने पर रात दस बजे बेटा सुमित उसे बुलाने अड्डे पर पहुंचा। सुमित के अनुसार कुछ दूर तक चलने के बाद पापा ने थोड़ी देर बाद आने की बात कहकर उसे घर भेज दिया। बाद में खाना खाकर सब लोग सो गये। रात एक बजे आंख खुलने पर पापा के मोबाइल पर काल की लेकिन स्विच ऑफ था। आसपास ढूंढा भी। नहीं मिले तो सुबह होने का इंतजार करने लगे।
ज्ञानेंद्र के घर से करीब तीन सौ मीटर दूर रहने वाले डॉ.नीरज दीक्षित ने सुबह करीब साढ़े पांच बजे अपने घर का गेट खोला तो सामने रोड पर ज्ञानेंद्र को मृत अवस्था में पड़ा देखा। उन्होंने मृतक के घर पर सूचना दी। कुछ ही देर में भीड़ जमा हो गई। सूचना पाकर सीओ ब्रह्मपाल सिंह, कोतवाल संजय कुमार भी पुलिस बल के साथ पहुंच गए। मृतक की गर्दन में रगड़ के निशान के अलावा खून भी लगा हुआ था। उसका मोबाइल भी गायब था। घरवाले हत्या की बात तो कह रहे थे लेकिन पूछताछ में वारदात की तह तक पहुंच पाने जैसी कोई बात पुलिस को नहीं बताई। मृतक के पिता की सूचना पर पुलिस ने शव पोस्टमार्टम को भिजवा दिया है। कोतवाल ने बताया कि अभी घर वालों ने तहरीर नहीं दी है। मामले की पड़ताल चल रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद अगली कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन


मार्निंग वाक को गए लोगों ने नहीं देखी थी लाश
मृतक ज्ञानेंद्र के घर से कुछ दूरी पर ही प्राइवेट वाहनों का अड्डा है वह सवारियां ढोने के बाद अपनी जीप घर पर खड़ी करने के बाद अड्डे पर ही चला जाता था और देर रात तक वहीं रहता था बीती रात भी वह वहीं मौजूद था। सुबह साढ़े तीन से चार बजे के बीच मार्निंग वॉक को निकले कई लोगों के मुताबिक उस वक्त सोनू का शव वहां नहीं था। अनुमान है कि शव सुबह चार या पांच बजे के बीच लाश को अड्डे से कुछ कदम दूर यहां लाकर डाला गया होगा।

दूसरी बीवी, बच्चो का रो रोकर हुआ बुरा हाल
तीन भाइयों में सबसे बड़े ज्ञानेंद्र के तीन बच्चे हैं। बड़े बेटे सुमित (16 वर्ष) व उससे छोटे शोभित (14 वर्ष) के पैदा होने के बाद पत्नी की मौत हो गई। सात साल पहले ज्ञानेंद्र की शादी उसकी साली बेबी से हुई थी। उससे भी बेटी मुस्कान पैदा हुई जो छह साल की है। सोनू की मौत से दूसरी पत्नी और बच्चों का रो रोकर बुरा हाल हो गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें