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भर्ती में भ्रष्टाचार के खिलाफ चक्काजाम, पथराव, लाठीचार्ज
यूपीपीएससी के सामने साढ़े तीन घंटे चला बवाल, ट्रैफिक डायवर्जन से कई जगह जाम
परीक्षा नियंत्रक अंजू कटियार के कार्यकाल में हुईं परीक्षाएं निरस्त करने की मांग पर अड़े छात्र
अमर उजाला ब्यूरो
प्रयागराज। उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (यूपीपीएससी) की भर्तियों में भ्रष्टाचार से भड़के प्रतियोगी छात्रों ने शुक्रवार सुबह आयोग के सामने जमा लगा दिया। साढ़े तीन घंटे तक चले बवाल के बाद पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा। जवाब में छात्रों की भीड़ की ओर से भी पुलिस और आरएएफ के जवानों पर पत्थर बरसाए गए।
प्रतियोगी छात्र शुक्रवार सुबह 10 बजे से ही आयोग के बाहर इकट्ठा होने लगे थे। उनकी मांग थी कि परीक्षा नियंत्रक अंजू कटियार के कार्यकाल में हुईं सभी परीक्षाएं निरस्त की जाएं। आयोग के सभी प्रमुख अफसरों को हटाया जाए और मामले की सीबीआई जांच कराई जाए। अभ्यर्थी चाहते थे कि आयोग के अध्यक्ष या कोई अन्य प्रतिनिधि मेन गेट पर आकर उनसे वार्ता करें जबकि आयोग की ओर से छात्रों को संदेश भेजा गया कि पांच छात्रों का प्रतिनिधिमंडल आयोग में आकर अध्यक्ष से मुलाकात कर सकता है लेकिन छात्र नहीं माने और बात बिगड़ती चली गई। मौके पर आरएएफ के दंगा नियंत्रण वाहन को भी बुला दिया गया।
आयोग के बाहर छात्रों के इकट्ठा होने के कारण सुबह 10.30 बजे से रोड पर ट्रैफिक रोक दिया गया और ट्रैफिक डायवर्जन से सिविल लाइंस में हनुमान मंदिर, पत्रिका चौराहा के आसपास जाम की स्थिति उत्पन्न हो गई थी। दोपहर एक बजे के आसपास एसपी सिटी बृजेश श्रीवास्तव और एडीएम सिटी एके कनौजिया ने लाउडस्पीकर पर छात्रों को चेतावनी दी कि सड़क से हट जाएं और भीड़ का हिस्सा न बनें। भीड़ में शामिल छात्राओं को भी हटने की चेतावनी दी गई लेकिन छात्र सड़क पर ही डटे रहे। आधे घंटे बाद दोपहर डेढ़ बजे पुलिस और आरएएफ के जवानों ने छात्रों को लाठी लेकर दौड़ा लिया। जवाब में छात्र पुलिस और आरएएफ के जवानों पर पथराव करते हुए टीबी सप्रू रोड की ओर से भागे। इस पर पुलिस को भी लाठियां चलानी पड़ीं और साढ़े तीन घंटे बाद जाम समाप्त हुआ।