शाहजहांपुर। मां की डांट से क्षुब्ध होकर घर से निकली रायबरेली की एक युवती को लखनऊ में मिलीं दो महिलाएं और एक व्यक्ति बुधवार को यहां जिला अस्पताल ले आए। आरोप है कि अस्पताल परिसर में युवती का सौदा करने लगे। जैसे-तैसे उनके चंगुल से छूटकर युवती ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने आरोपियों को हिरासत में ले लिया है। वहीं युवती के परिजनों को भी सूचित कर दिया गया है। मामले में रायबरेली में गुमशुदगी दर्ज है। परिजन युवती को लेने के लिए रायबरेली से चल चुके हैं। हालांकि आरोपी युवती की मदद करने की बात कह रहे हैं।
रायबरेली के सदर कोतवाली क्षेत्र के एक मोहल्ला निवासी युवती 18 मार्च को मां की डांट से क्षुब्ध होकर घर से निकल आई थी। वह उसी रात रायबरेली से लखनऊ तक आई। लखनऊ चारबाग स्टेशन पर उसे दो महिलाएं और एक व्यक्ति मिला। वह युवती को लेकर पहले सीतापुर पहुंचे, फिर सीतापुर से बुधवार को यहां जिला अस्पताल लेकर आ गए। यहां युवती को शक हुआ कि तीनों उसे बेचना चाहते हैं। उनके चंगुल से छूटकर युवती ने जिला अस्पताल पुलिस चौकी में चौकी प्रभारी घनश्याम शर्मा को पूरी बात बताई। तब चौकी प्रभारी ने आरोपियों हिरासत में लेकर चौकी पर बैठा लिया। जांच के दौरान यह पता चला कि युवती परिजनों से नाराज होकर घर से निकल आई थी। इस संबंध में रायबरेली की सदर कोतवाली में गुमशुदगी दर्ज है। आरोपियों का कहना है कि उसे बेचना नहीं चाहते हैं बल्कि उसे अकेला देख कर मदद की। चौकी प्रभारी ने बताया कि पकड़े गए लोगों से पूछताछ की जा रही है। युवती के परिवार वालों के आने के बाद ही स्थिति साफ हो सकेगी। इंस्पेक्टर राजीव शर्मा ने बताया कि बेचने जैसी कोई बात नहीं है, लड़की के घर वाले उसे लेने रायबरेली से आ रहे हैं।