शाहजहांपुर। मदनापुर के गांव बरखेड़ा जैपाल के पास सोमवार रात टाटा सफारी बाइक को टक्कर मारने के बाद अनियंत्रित होकर बिजली पोल को ध्वस्त करते हुए पाकड़ के पेड़ में जा घुसी। इस हादसे में बाइक सवार एक युवक की मौत हो गई, जबकि उसका साथी गंभीर रूप से घायल हो गया। उसने भी बरेली के प्राइवेट अस्पताल में देर शाम दम तोड़ दिया। इस हादसे में टाटा सफारी में सवार कानपुर निवासी छह लोग भी घायल हो गए। जिन्हें प्राथमिक उपचार के बाद जिला अस्पताल से कानपुर भेजा गया।
थाना तिलहर के गांव टाह बनारस निवासी 25 वर्षीय मनोज कुमार की बहन सविता की सोमवार रात बारात आई थीं। द्वारचार के बाद पंडित दूसरी शादी संपन्न कराने के लिए गांव ढका चले गए। रात लगभग एक बजे वैवाहिक कार्यक्रम संपन्न कराने के लिए फिर से पंडित जी की जरूरत पड़ी तो मनोज अपने गांव के ही साथी 22 वर्षीय अवन कुमार के साथ बाइक से ढका गांव से पंडित जी को लेने के लिए चल दिया। रात लगभग डेढ़ बजे दोनों लोग बरखेड़ा जैपाल के पास पहुंचे, तभी सामने से आ रही तेज रफ्तार टाटा सफारी ने मनोज की बाइक को अपनी चपेट में ले लिया। इससे दोनों लोग उछलकर दूर जा गिरे और गंभीर रूप से घायल हो गए। वहीं बाइक को चपेट में लने के बाद अनियंत्रित हुई टाटा सफारी बिजली पोल को ध्वस्त करते हुए पाकड़ के पेड़ से टकरा गई। जबरदस्त टक्कर से सफारी में बैठे कानपुर के थाना गोविंद नगर क्षेत्र के रतननगर निवासी 50 वर्षीय कमलेश व उनकी पत्नी किरण दुबे, 65 वर्षीय चक्रधर द्विवेदी व उनकी पत्नी साधना द्विवेदी, 30 वर्षीय अभिलाषा द्विवेदी, 28 वर्षीय अभिषेक घायल हो गए। सूचना पर मौके पर पहुुंचे एसओ प्रभुकांत ने सभी घायलों को 108 एंबुलेंस से जिला अस्पताल रवाना किया, लेकिन रास्ते में मनोज की मौत हो गई। बाकी घायलों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। कानपुर के घायल सुबह होने से पहले प्राथमिक उपचार के बाद कानपुर चले गए। टाटा-सफारी में सवार लोग हरिद्धार से गंगा स्नान करके लौट रहे थे। बाइक सवार दूसरे साथी अवन ने भी शाम को बरेली के प्राइवेट अस्पताल में दम तोड़ दिया।
बहन की डोली से पहले उठी भाई की अर्थी
शाहजहांपुर। तिलहर के गांव टाह बनारस में वैवाहिक कार्यक्रम के बीच मदनापुर से युवक के मरने की खबर आई तो परिवार में कोहराम मच गया। जो लोग बारात में शामिल होने आए थे, वे सभी घटना स्थल पर पहुंच गए। अधिकांश बाराती भी वापस हो गए। कुछ लोग मनोज के शव के साथ पोस्टमार्टम हाउस पहुुंच गए। शादी की तैयारियां जहां की तहां रुक गई। बहन की शादी को टाल दिया गया। पोस्टमार्टम हाउस के बाद मनोज का शव गांव पहुंचा तो हर शख्स की आंखें नम हो गईं। सविता तो भाई के शव को देखकर बेहोश हो गई। जिस घर से सविता की डोली उठनी थी, उस घर से भाई की अर्थी उठ रही थी।