बसंत पट्टी और मुड़िगवां गांव में नई जेल बनाने में एक और कदम आगे बढ़ा है। जेल बनाने के लिए 142 किसानों ने अपनी सहमति दे दी है। जबकि 46 से सहमति लेना बाकी है। यह जानकारी बृहस्पतिवार को डीआईजी जेल शशि श्रीवास्तव ने पत्रकार वार्ता में दी।
जिला जेल में निरीक्षण के बाद डीआईजी सीधे पीडब्ल्यूडी गेस्ट हाउस पहुंचीं। जहां पत्रकारों से बातचीत के दौरान डीआईजी न्रे बताया कि नई जेल बनाने के लिए ग्राम बसंत पट्टी और मुड़िगवां में जमीन देखी गई है। नई जेल बनाने के लिए जरूरी जमीन लेने के लिए 196 काश्तकारों से बातचीत हुई है। इसमें से 142 काश्तकारों सहमति मिल चुकी है, जबकि 46 से सहमति लेना बाकी है। कहा कि जमीन की अनुमति लेने के बाद ही किसानों को उनके खेतों का मुआवजा दिया जाएगा। बंदी रक्षकों के जर्जर आवासों के बारे में पूछने पर डीआईजी ने कहा कि जब जेल ही दूसरे स्थान पर बनाई जानी है तो इन आवासों को नए बनाए जाने की जरूरत नहीं है।
डीआईजी के छापे से जिला जेल में खलबली
डीआईजी (जेल) शशि श्रीवास्तव ने बृहस्पतिवार पूर्वाह्न करीब 11 बजे जिला जेल जा पहुंची। उस वक्त बंदियों को खाना वितरित किया जा रहा था। डीआईजी ने खाना चेक किया। फिर बैरक संख्या सात में जाकर बंदियों से बात की और उनकी समस्याओं के बारे में पूछा। तीन नंबर बैरक के बंदियों से उनको मिल रही सुविधाओं के बारे में बातचीत की। इसके बाद जेल गोदाम संबंधित, हवालात, कैदियाना और आगंतुक रजिस्टर चेक किया। जेल परिसर में निर्माणाधीन वीडियो कांफ्रेंसिंग रूम की प्रगति के बारे में पूछा। जेल अधीक्षक ब्रजेंद्र सिंह ने निर्माण कार्य एक महीने में पूरा हो जाने का दावा किया। निरीक्षण के दौरान डीआईजी को जिला जेल में कोई संदिग्ध चीज नहीं मिली।