फोटो-21,पुवायां में चोरी के बाद वकील के घर बिखरा पड़ा सामान। अमर उजाला
चोरों ने वकील के घर से तीन लाख का माल उड़ाया
व्यापारियों के अल्टीमेटम के बाद भी पुलिस चोरों का नहीं लगा सकी पता
लगातार चोरियों से हो गया साफ, नहीं रहा पुलिस का इकबाल
अमर उजाला ब्यूरो
पुवायां। कोतवाली क्षेत्र मोहल्ला शास्त्रीनगर में शनिवार रात अधिवक्ता के बंद घर में घुसे चोर 42 हजार की नकदी सहित करीब तीन लाख का माल चुरा ले गए। घटना से इलाके में सनसनी फैल गई। अधिवक्ता ने पुलिस को घटना की तहरीर दी है
मूलरूप से बंडा के गांव तिहार ऐंजनपुर निवासी अधिवक्ता सुनील कुमार मिश्रा वर्तमान में नगर के मोहल्ला शास्त्रीनगर में रहते हैं। शनिवार को वह गांव गए थे। घर में उनकी पत्नी और बच्चे मौजूद थे। अकेले होने के कारण पत्नी भी रात में पड़ोस के घर में चली गईं। रात में चोर किसी तरह अंदर घुस आए और कमरे में रखे बक्से का ताला तोड़ कर 42 हजार रुपये सोने की लर, झुमकी, कंगन, सोने की दो अंगूठी, पायल सहित कीमती सामान चोरी कर ले गए।
रविवार सुबह चोरी की जानकारी मिलने पर वह गांव से घर पहुंचे। सुनील मिश्रा की सूचना पर पुलिस ने मौका मुआयना किया। इसके बाद उन्होंने कोतवाली पहुंचकर तहरीर दी। इंस्पेक्टर मनोज कुमार सिंह ने बताया कि तहरीर की जांच की रिपोर्ट दर्ज कराई जा रही है।
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दिन में रेकी करते रहते हैं चोर गिरोह के लोग
0 मुख्य मार्गों पर गश्त करती हैं, पुलिस गली में मकान खंगाल लेते हैं चोर
अमर उजाला ब्यूरो
पुवायां। पुवायां में हालात यह हो चले हैं कि यदि आप आकस्मिक यात्रा पर शाम को भी घर बंद कर कहीं गए तो रात में चोर मकान में रखा कीमती सामान ले उड़ेंगे। पुलिस की सक्रियता बढ़ने के बाद भी लगातार हो रही चोरियों से एक बात साफ हो चली है कि चोर या तो स्थानीय हैं अथवा उन्हें नगर की भौगोलिक स्थित की बहुत अच्छी तरह से जानकारी है।
अभी तक हुई चोरियों में ज्यादातर बंद घरों को निशाना बनाया गया है। देखने में आया है कि जिस रात घर के लोग ताला डालकर कहीं जाते हैं उसी रात चोर धावा बोल देते हें। इससे साफ है कि चोर गिरोह के लोग मोहल्लों में घूमकर बंद मकानों की जानकारी कर लेते हैं और रात में कीमती सामान चोरी कर लेते हैं। चोर गिरोह के लोग नगर के ही मकानों को निशाना बना रहे हैं, देहात में चोरियों की संख्या काफी कम है।
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पुलिस की कार्यशैली भी दे रही घटनाओं को बढ़ावा
पुवायां। नगर में लगातार हो रही चोरियों के पीछे पुलिस की लचर कार्यशैली भी एक कारण है। चोरी की कई घटनाओं के बाद पुलिस ने गश्त बढ़ाकर चोरी की घटनाओं पर रोक लगाने का प्रयास किया है, लेकिन नाकामी ही हाथ लगी है। पुलिस यदि शातिर चोरों को जेल से बाहर हैं थाने लाकर पूछताछ करें और उन्हें मुखबिर के रूप में इस्तेमाल करे तो चोर गिरोह तक पहुंचा जा सकता है, लेकिन अभी तक ऐसा नहीं किया गया है। नगर में स्मैकिए, सट्टेबाज और जुआरियों की संख्या भी बेहद बढ़ गई है। तमाम युवा नशे के आदी हो रहे हैं जो नशे की तल पूरा करने के लिए कुछ भी करने को तैयार हैं। पुलिस स्मैक बेचने वालों पर भी अंकुश नहीं लगा सकी है।
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इंस्पेक्टर से नहीं खुश हैं कुछ पुलिसकर्मी
पुवायां। कोतवाली के कुछ पुलिसकर्मी इंस्पेक्टर मनोज कुमार सिंह से खुश नहीं हैं, सो वह क्राइम कंट्रोल में कतई रुचि नहीं ले रहे हैं। लगातार हो रही चोरी की घटनाओं के पीछे इस वजह की भी चर्चा हो रही है। वहीं एक चर्चा एक भी है कि जिले में मौजूद कुछ पुलिसकर्मियों की निगाहें पुवायां कोतवाली पर हैं। इस मामले को भी चोरियों से जोड़कर चर्चा हो रही है।