खुटार (शाहजहांपुर)। गांव के पास बाग में तंबू लगाकर रहे रहे घुमंतू जाति के लोगों की तीन लड़कियों के साथ दुराचार और लूट का आरोप लगाते हुए गांववालों ने गुरुवार शाम को जमकर हंगामा किया। उन्होंने मामले में रिपोर्ट दर्ज किए जाने और आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। आरोप है कि घटना में पास के गांव का एक सिपाही और उसके साथी शामिल हैं।
घटना बुधवार रात की है। खुटार के गांव जादौंपुर कलां के पास बाग में बदायूं जनपद के नट जाति के लोग 15 दिन पूर्व आए थे और बाग में तंबू लगाकर रहने लगे। गांव जादौंपुर के एक व्यक्ति ने बताया कि बुधवार रात शाहजहांपुर की सीमा से सटे पीलीभीत के एक गांव में रहने वाला सिपाही आधा दर्जन लोगों के साथ बाग में पहुंचा। चश्मदीद ने बाहरी लोगों को देखा तो वह भी कुछ लोगों के साथ बाग के पास गया, इस पर सिपाही ने उन लोगों को रोक दिया और कहा कि पुलिस डेरों की तलाशी लेने आई है।
सिपाही और उसके साथियों के जाने के बाद वह फिर डेरों पर पहुंचा तो वहां महिलाएं और लड़कियां रो रही थीं। महिलाओं ने बताया कि डेरे पर कुछ देर पहले आने वाले लोगों ने उनके यहां लूटपाट की है और उनकी तीन किशोरियों को पास की झाड़ियों में ले जाकर गलत काम किया है। गांव के लोगों का आरोप है कि मामला फैलने की आशंका पर अरोपी रात में फिर से डेरों पर आए और नट परिवार को धमकी देकर भाग जाने को कहा। इस पर पीड़ित अपने रात में ही अपने डेरे उखाड़ कर चले तो कुछ दूर बाद आरोपियों ने उन्हें जबरिया अपने वाहनों में बिठा लिया और कहीं दूर ले जाकर छोड़ दिया। देर शाम तक चर्चा फैली तो कार्रवाई के लिए पीड़ित परिवार की तलाश की गई लेकिन कोई पता नहीं चलने पर रात आठ बजे गांव के लोग एक जगह पर एकत्र हो गए और घटना की सूचना पुलिस को देने का फैसला किया। सूचना पर एसओ बिरजाराम फोर्स लेकर मौके पर पहुंचे और लोगों ने जानकारी लेने के बाद कहा कि गांव में कोई घटना नहीं हुई है लोग बेवजह अफवाह फैला रहे हैं, इस पर लोगों ने जमकर हंगामा करना शुरू कर दिया। कुछ ही देर में आसपास के कई गांवों के लोग मौके पर पहुंच गए।
खुटार में तैनाती के दौरान चर्चित रहा है सिपाही
चांदपुर/खुटार। गांव के लोग पीलीभीत के गांव के जिस सिपाही पर आरोप लगा रहे हैं वह कुछ माह पूर्व तक खुटार थाने में तैनात था। खुटार में तैनाती के दौरान सिपाही पर गो तस्करों से संबंध होने सहित तमाम गंभीर आरोप लगे थे। इस सिपाही का खुटार से कई बार तबादला भी हुआ, लेकिन उसने अपना तबादला रुकवा लिया। भाजपा सरकार आने के बाद सिपाही खुटार से हटाया गया था।
सिपाही के घर गई पुलिस
चांदपुर/खुटार। गांव के लोगों के आरोप के बाद एसओ बिरजाराम सिपाही के गांव गए हैं। गांव में एकत्र भीड़ में इस बात को लेकर भारी आक्रोश है कि पुलिस घटना स्थल पर न जाकर इधर उधर घूम रही है और बाग में जले हुए कपड़े आदि कब्जे में नहीं ले रही है। इससे सबूत नष्ट किए जा सकते हैं।