शाहजहांपुर। चौक कोतवाली पुलिस ने पांच दिन पहले रोहित की गोली लगने से हुई मौत का नाटकीय ढंग से पटाक्षेप कर दिया। रोहित ने कर्ज में डूबने की वजह से गोली मारकर आत्महत्या की थी। घटना के बाद पड़ोसी अंकुर त्रिवेदी उर्फ छोटू तमंचा लेकर भाग गया था। विवेचना के दौरान नाम सामने आने पर पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर घटना में प्रयुक्त तमंचा भी बरामद कर लिया। तमंचा छोटू ने रोहित को घटना वाले दिन हिस्ट्रीशीटर से दिलवाया था। इसी डर से उसने तमंचा छिपाने की कोशिश की। पुलिस ने उसके खिलाफ आर्म्स एक्ट और साक्ष्य छिपाने का मामला दर्ज किया है। छोटू व हिस्ट्रीशीटर को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भिजवा दिया है।
एएसपी दिनेश त्रिपाठी ने बताया कि चौक कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला काजीटोला निवासी रोहित वर्मा उर्फ लल्ला के शव को देखकर पिता रामबहादुर ने घर के अंदर चीख-पुकार मचाई थी। उस वक्तमोहल्ले काअंकुर त्रिवेदी उर्फ छोटू अपने तीन चार साथियों के साथ पास में मंदिर के पास खड़ा था। वह और उसका साथी शिवम् रोहित के घर की तरफ भागे। छोटू ने घर के अंदर घुसते ही तमंचा उठाया और उसे छिपाते हुए बड़ी सफाई से घर के अंदर से भाग गया। उसे भागते हुए कुछ लोगों ने देखा भी, लेकिन मृतक के पिता के रोने-बिलखने व खून से लथपथ रोहित की लाश देखकर सभी लोग परिवार की संवेदना में उलझ गए। पहली नजर में मामला आत्महत्या का ही लग रहा था, लेकिन मौके से तमंचा न मिलने के कारण मृतक के पिता ने हत्या की आशंका व्यक्त करते हुए तहरीर दी। इस पर मुकदमा लिख लिया गया।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में जिस तरह से गोली लगने की पुष्टि हुई वह भी आत्महत्या की ओर इशारा कर रही है। विवेचना के दौरान जब यह बात सामने आई कि छोटू घर से भागा था, तो पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में छोटू से पता चला कि उसने ही रोहित को घटना वाले दिन कांशीराम कॉलोनी निवासी संजय नाम के हिस्ट्रीशीटर से 18 सौ रुपये में तमंचा दिलवाया था, जबकि सौदा 35 सौ रुपये में तय हुआ था। घटना के बाद उसे डर था कि लोगों को पता चल जाएगा कि तमंचा उसने दिलवाया है। इसलिए पुलिस से बचने के लिए छोटू ने तमंचा मौके से उठा लिया और भाग गया। पुलिस ने उससे 315 बोर का तमंचा नाल में फंसा खोखा कारतूस भी बरामद कर लिया है। घटना के समय मौके पर पुलिस को एक बुलेट मिली थी। हिस्ट्रीशीटर व छोटू को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।
मरने से पहले पत्नी से बोला था आई लव यू
पुलिस के मुताबिक घटना वाले दिन उसकी मोबाइल पर पत्नी काजल से तीन बार बात हुई थीं। आखिरी कॉल छह बजकर कुछ मिनट की है। इस समय उसने पत्नी को आई लव यू भी कहा था। इसके बाद फोन काट दिया। पलट कर पत्नी ने कई बार रोहित के मोबाइल पर कॉल की, लेकिन कॉल रिसीब नहीं हुई। घटना के बाद पिता के आने पर जब लोग इकट्ठे हुए तो रोहित का मोबाइल देखा गया। उसमें पत्नी की मिस कॉल पड़ी थी, एक महिला ने बात की तो उसे रोहित की पत्नी काजल की आवाज समझ नहीं आई। बाद में दोस्त शिवम् ने मोबाइल हाथ में लेकर काजल को घटना की जानकारी दी।
पत्नी के जेवर भी रख दिए थे गिरवीं
चौक कोतवाली इंस्पेक्टर हरीश राजपूत ने बताया कि रोहित पर लोगों की काफी उधारी थी। इसी उधार को चुकाने के लिए उसने पत्नी काजल के जेवर भी गिरवीं रख दिए थे। जिन्हें वह छुड़वा नहीं पा रहा था और न ही उसे कोई और उधार दे रहा था। इससे वह और भी परेशान रहता था।