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दामाद के अपहरण में ससुर को उम्रकैद

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शाहजहांपुर। निगोही से दामाद का अपहरण करने के मामले में तृतीय अपर सत्र न्यायाधीश एहसानुल्लाह खान ने दोष सिद्ध होने पर ससुर को आजीवन कारावास की सजा और 30 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है। जुर्माने की धनराशि में से 25 हजार रुपये बतौर प्रतिकर वादिनी पूजा यादव को दिलाने का आदेश दिया है।
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अभियोजन पक्ष के अनुसार निगोही क्षेत्र के गांव अंडखेड़ा निवासी पूजा यादव ने पति राजेश उर्फ शीटू का अपहरण होने पर अपने पिता नरसिंह और थाना गढ़िया रंगीन क्षेत्र के गांव रमपुरा निवासी नेकराम के खिलाफ 21 जुलाई 2005 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसमें पूजा ने बताया था कि उसने तीन वर्ष पहले गांव के ही राजेश उर्फ शीटू के साथ अपनी मर्जी से शादी कर ली थी। उसके एक वर्ष का पुत्र भी है। मनमर्जी से शादी करने के कारण उसके पिता, पति से रंजिश मानते थे। दो जुलाई 2005 को जब उसके पति निगोही में अपना मकान बनवा रहे थे, उसी दिन सुबह 10 बजे उसके पिता नरसिंह अपने बहनोई नेकराम और अन्य साथियों के साथ आए और उसके पति को खुद की दवा दिलवाने के बहाने बुला ले गए। दूसरे दिन उसके पिता अकेले लौटकर आए तो उसने पति के बारे में पूछा। इस पर पिता ने कहा कि तुम अपने पुत्र पर ही भरोसा करो, अब तुम्हारा पति इस दुनिया में नहीं है। इसके बाद रात में उसके पिता मकान मेें ताला डालकर भाग गए। उसने पति की गुमशुदगी की रिपोर्ट छह जुलाई को दर्ज कराई। इसके बाद 21 जुलाई को रिपोर्ट अपहरण में तरमीम की गई।
पुलिस ने विवेचना के उपरांत नरसिंह और नेकराम के खिलाफ आरोप पत्र 364 के अंतर्गत अदालत भेजा। मुकदमा के दौरान नेकराम की मौत हो गई थी। सरकारी वकील अमित सिंह वर्मा की ओर से प्रस्तुत गवाहों के बयान सुनने और पुलिस की ओर से प्रस्तुत साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद तृतीय अपर सत्र न्यायाधीश ने आरोपी नर सिंह को अपहरण करने का दोषी पाते हुए आजीवन कारावास की सजा व 30 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है। उधर, थाने के कार्यवाहक इंचार्ज आरके शर्मा ने बताया कि राजेश उर्फ शीटू का पता आज तक नहीं लगा है।
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