पुवायां (शाहजहांपुर)। खुटार रेंज की बिलंदापुर बीट क्षेत्र में चोरी से यूकेलिप्टस के 17 पेड़ काटे जाने और लकड़ी गायब करने के मामले में डीएफओ ने वन रक्षक को निलंबित कर दिया है। इस मामले में रेंजर से जवाब तलब किया गया है। अवैध कटान में रेंजर पर भी कार्रवाई की तैयारी है।
खुटार रेंज के बिलंदापुर क्षेत्र में चड्ढा फार्म मोड़ पर रोड किनारे खड़े काफी पुराने युकेलिप्टस के 17 पेड़ों को चोरी से बेच दिया गया था। इस मामले में एक चर्चित वनकर्मी की संलिप्तता की बात भी सामने आई थी। पेड़ कटने के तीन दिन बाद लोगों ने स्थानीय अधिकारियों से शिकायत की, लेकिन कोई ध्यान नहीं दिया गया। इसके बाद नौ जुलाई को मामला डीएफओ आदर्श कुमार के संज्ञान में लाया गया तो वह खुद मौके पर पहुंचे और जांच की थी। जानकारी पाकर रेंजर डीएस यादव भी मौके पर पहुंचे थे।
डीएफओ ने पेड़ कटे मिलने पर रेंजर, वन दरोगा आदि की कड़ी फटकार लगाई थी। डीएफओ ने रेंजर को पूरे मामले की जांच कर नौ जुलाई की शाम तक रिपोर्ट देने को कहा था, लेकिन रेंजर ने 11 जुलाई की शाम तक रिपोर्ट नहीं दी थी।
मामला फंसता देख पेड़ बेचने में शामिल वनकर्मी ने शेरपुर के एक ठेकेदार से यूकेलिप्टस की कुछ लकड़ी लेकर उसकी बरामदगी दिखा दी थी।
उधर पूरा मामला कंजर्वेटर के संज्ञान में पहुंचने पर उन्होंने भी कड़ी नाराजगी जताते हुए कार्रवाई के निर्देश दिए थे। इसके बाद डीएफओ ने प्रथमदृष्टया वन रक्षक यदुनाथ सिंह को दोषी मानते हुए निलंबित कर दिया और रेंजर पर स्पष्टीकरण मांगा है।
प्रमुखता से उठाया मामला
पुवायां। चोरी से पेड़ काटकर बेचे जाने के मामले को अमर उजाला के दस जुलाई के अंक में प्रमुखता से प्रकाशित किया था। 11 जुलाई को रेंजर स्तर से डीएफओ को रिपोर्ट नहीं भेजे की खबर भी प्रमुखता से प्रकाशित की गई थी।
कई बड़े मामलों को लेकर चर्चा में रही खुटार रेंज
पुवायां। पिछले कुछ समय से खुटार रेंज कई मामलों को लेकर चर्चा में रही।
18 जनवरी 2019 को गांव लुकटहा के रोशन लाल ने पुलिस और वन विभाग के कर्मचारियों को जानकारी दी थी कि गांव के कुछ शिकारियों ने एक गुलदार का शिकार किया है। इससे वन विभाग में खलबली मच गई। रोशनलाल ने वन्य पशु के अवशेष भी वन विभाग के अधिकारियों को दिखाए थे, जिनको बाद में कैट फिश के अवशेष बताकर मामले को हल्का कर लीपापोती कर दी गई थी।
फरवरी 2021 में खुटार रेंज की बिलंदापुर बीट में सागौन की लकड़ी से भरी पिकअप पकड़े जाने के मामले में भी लीपापोती कर दी गई थी। इसी प्रकार खुटार रेंज में ही गंगसरा वन क्षेत्र में मिट्टी के अवैध खनन का मामला भी दबा दिया गया।
खुटार रेंज के छापाबोझी जंगल में मार्च 2021 में तीन दिन तक आग लगी रही, लेकिन वन विभाग के अधिकारी पत्तों के जलने की ही बात कहते रहे। जंगल में तमाम नए पौधे और बड़े पेड़ भी जल गए, इसके बाद भी जिम्मेदारों पर कार्रवाई की जरूरत नहीं समझी गई।
छापाबोझी के पास ही वन विभाग की ओर से लगाई गई पौध को आग से नष्ट करने के मामले को भी काफी हलके में लेकर निपटा दिया गया था।
अवैध कटान को लेकर शासन भी है गंभीर
दुधवा और पीलीभीत टाइगर रिजर्व में अवैध कटान और शिकार के गोपनीय इनपुट को लेकर प्रदेश सरकार काफी गंभीर है। ऐसे में 17 पेड़ों का चोरी से काटा जाना गंभीर मामला माना जा रहा है। वैसे भी खुटार जंगल लखीमपुर खीरी से जुड़ा हुआ है।
यहां बता दें इन दोनों टाइगर रिजर्व में गड़बड़ियों के बाबत एक आईएएस अधिकारी व कुछ पर्यावरण प्रेमियों ने शासन को इनपुट दिया है। इसके पीछे लंबे समय से एक ही जगह पर जमे रेंजर और अन्य कर्मियों को जिम्मेदार ठहराया गया है। ऐसे में यह संकेत भी मिले हैं कि यहां तैनात कुछ कर्मियों को हटाया जा सकता है।
यूकेलिप्टस के पेड़ काटे जाने के मामले में संलिप्तता पाए जाने पर वन रक्षक यदुनाथ सिंह को निलंबित कर दिया है। अवैध कटान में शामिल लोगों की गिरफ्तारी के प्रयास चल रहे हैं। -डीएस यादव, रेंजर खुटार रेंज
समय से कार्रवाई नहीं करने, आरोपियों को पकड़ने और लकड़ी बरामदगी में लापरवाही करने, कटान को छिपाने के आरोप में वन रक्षक यदुनाथ सिंह को निलंबित किया गया है। रेंजर से स्पष्टीकरण मांगा गया है। रेंजर का जवाब मिलने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। मामले की पूरी जानकारी मुख्य वन संरक्षक को दी गई है। -आदर्श कुमार, डीएफओ शाहजहांपुर