पुवायां। शनिवार रात पराठे खाने के बाद एक ही परिवार के तीन सदस्यों की हालत बिगड़ गई। इलाज के बाद परिवार के लोगों की हालत खतरे से बाहर है। मामले को लेकर गांव में तमाम तरह की चर्चाएं हैं। पुलिस ने मामले की जानकारी से इनकार किया है।
गांव टकेली में एक परिवार में दंपती और बेटा-बहू रहते हैं। शनिवार रात घर में पराठे और आलू का चोखा बना था। पराठे खाने के बाद परिवार के लोग सो गए। रात में गृहस्वामी, उनकी पत्नी और पुत्र की हालत बिगड़ गई। तीनों लोगों को उल्टियां हो रही थीं। बहू की हालत ठीक थी। पड़ोस के लोग बीमार लोगों को पहले पुवायां सीएचसी लाए। बताया जाता है कि देर रात सीएचसी पर कोई कर्मचारी नहीं मिलने पर तीनों लोगों को मुड़िया कुर्मियात पीएचसी ले जाया गया, लेकिन वहां भी कोई कर्मचारी नहीं मिला। इसके बाद तीनों को गांव बनिगवां में एक निजी डॉक्टर के यहां भर्ती कराया गया।
रविवार शाम तीनों लोगों को अस्पताल से घर भेज दिया गया। परिवार के लोग इस संबंध में बात करने को तैयार नहीं है, लेकिन गांव में मामले को लेकर तरह- तरह की चर्चा है। बनिगवां के डॉक्टर का कहना है कि मामला जहरीली वस्तु के सेवन जैसा लग रहा था, लेकिन परिवार के लोगों ने उनको ज्यादा जानकारी नहीं दी। केवल यह बताया कि पराठे और चोखा खाने से वह लोग बीमार हुए हैं।। कोतवाली प्रभारी कुंवर बहादुर सिंह ने बताया कि पुलिस को इस तरह के किसी मामले की सूचना नहीं दी गई है। सीएचसी प्रभारी डॉ. मोहम्मद आसिफ ने बताया कि इस तरह के रोगियों के अस्पताल आने की जानकारी नहीं है।