खुटार (शाहजहांपुर)। खुटार-पूरनपुर मार्ग पर शुक्रवार सुबह एक बुजुर्ग का शव पड़ा मिला है। बुजुर्ग की शिनाख्त उत्तराखंड के नैनीताल जिले के चोरगलिया निवासी जसविंदर सिंह के रूप में हुई है।
खुटार-पूरनपुर मार्ग पर लौहंगापुर जंगल में सड़क के किनारे एक बुजुर्ग का शव पड़ा देख लोगों ने सूचना पुलिस को दी। खुटार एसओ जयशंकर सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। बुजुर्ग के कपड़ों की तलाशी लेने पर पर्स से एक पर्ची बरामद हुई। पर्ची पर कुछ फोन नंबर लिखे हुए थे। पुलिस ने नंबरों पर संपर्क किया तो जानकारी मिली कि बुजुर्ग का नाम जसविंदर सिंह (60) है और वह उत्तराखंड के जनपद नैनीताल के चोरगलिया के निवासी हैं। जसविंदर सिंह के एक हाथ से खून बह रहा था और सिर, कमर, आंख में भी चोटों के निशान मिले हैं। मौके से एक बाइक के कुछ टूटे हिस्से भी मिले हैं। कमर पर भी किसी टायर आदि की रगड़ के निशान मिले हैं।
पुलिस ने जसविंदर सिंह के परिवार के लोगों को सूचना दी। जसविंदर सिंह के भतीजे जसवीर सिंह ने बताया कि उनके ताऊ जसविंदर सिंह जनपद लखीमपुर खीरी के अलीगंज चौकी के गांव पस्तौर में अपनी बेटी कुलविंदर कौर के पास जा रहे थे। जसवीर के अनुसार, उसके ताऊ कुछ समय से तनाव में थे और उनका इलाज भी चल रहा था।
थानाध्यक्ष जयशंकर सिंह ने बताया कि प्रथम दृष्टया हादसा प्रतीत हो रहा है। जसविंदर सिंह की जेब से 75 रुपये नकद और सौ रुपये का खैरा ट्रैवल्स की बस का टिकट निकला है, जो पढ़ने में साफ नहीं दिख रहा है। शव के पास से बाइक का टूटा पैनल मिला है। चौकीदार की सूचना के आधार पर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और परिवार वालों से जानकारी कर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
अलीगंज जाना था तो लौहंगापुर जंगल में क्यों उतरे जसविंदर
खुटार। जसविंदर सिंह के दो पुत्र बलविंदर सिंह, मनप्रीत सिंह हैं। पिता की मौत की सूचना के बाद दोनों खुटार के लिए चल चुके हैं। जसविंदर सिंह बृहस्पतिवार को हल्द्वानी से सितारगंज तक बस से आए। बस का टिकट उनके पास से मिला है। उनके पास से दूसरा टिकट एक निजी बस का मिला है तो सितारगंज से अलीगंज का है। अलीगंज लखीमपुर जनपद में है। अलीगंज के ही पस्तौर गांव में उनकी बेटी रहती है। जसविंदर सिंह बेटी के पास जा रहे थे। जसविंदर सिंह जिस निजी बस में थे, वह पूरनपुर, खुटार गोला, अलीगंज होते हुए लखीमपुर जाती है।
बड़ा सवाल है कि जसविंदर सिंह को अलीगंज जाना था और जिस बस में वह थे, वह भी अलीगंज जा रही थी, तो वह लौहंगापुर जंगल में क्यों उतरे? क्या जसविंदर सिंह को कहीं से लाकर जंगल में डाल दिया गया? उनके शरीर पर चोटें कैसे लगीं। यदि कोई हादसा हुआ तो बस के स्टाफ ने पुलिस को सूचना क्यों नहीं दी? उधर जसविंदर सिंह के भतीजे का कहना है कि उसके ताऊ तनाव में थे और उनका इलाज चल रहा है, जबकि खुटार पहुंचे जसविंदर सिंह के दामाद देवेंद्र सिंह ने बताया कि उनके ससुर बिल्कुल स्वस्थ थे।