फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

मकसूदापुर की बॉब शाखा में नकब लगाकर चोरी की कोशिश

विज्ञापन
विज्ञापन
बंडा (शाहजहांपुर)। गांव मकसूदापुर स्थित बैंक ऑफ बड़ौदा की शाखा में मंगलवार रात चोरों ने नकब लगाकर चोरी का प्रयास किया। पुलिस मान रही है कि किसी के आने या खतरा होने के कारण चोर बैंक के अंदर नहीं जा सके और भाग निकले।
विज्ञापन

मंगलवार शाम को शाखा को बंद कर कर्मचारी घरों को चले गए। रात में किसी समय चोरों ने बैंक की पिछली दीवार में नकब लगा दी। समझा जाता है कि नकब लगाने के दौरान आहट होने पर चोर दीवार को पूरी तरह नहीं काट सके और भाग गए।
बुधवार सुबह कुछ लोगों ने बैंक की दीवार में नकब लगी देखी। चर्चा होने पर मौके पर भीड़ लग गई। किसी ने मामले की जानकारी बैंककर्मियों को दी। सूचना पर बैंक प्रबंधक अनिल कुमार जोशी सहित तमाम कर्मचारी भी मौके पर पहुंचे। थाना प्रभारी मनोज कुमार ने बताया कि सूचना मिली है, लेकिन कोई तहरीर नहीं दी गई है। जांच कर कार्रवाई की जाएगी। बैंक मैनेजर अनिल कुमार जोशी ने बताया कि चोरों ने दीवार काटने की कोशिश की पर वे सफल नही हो पाए। सूचना पर पुलिस जांच करने आई थी।
विज्ञापन

-
16 मई की रात पांच दुकानों में हुई थी चोरी की कोशिश
बंडा। 16 मई को चोरों ने मकसूदापुर में पांच दुकानों के ताले तोड़कर चोरी की कोशिश की थी। पुलिस ने मामले को गंभीरता से नहीं लिया, जिस कारण अब बैंक में नकब लगा दी गई।
रविवार रात चोरों ने गांव मकसूदापुर में वरुण त्रिवेदी की मां वैष्णो किराना स्टोर, प्रदीप तिवारी की शिव शक्ति इंटरप्राइजेज, बबलू वर्मा के आईएफएफडी कृषक सेवा केंद्र, राकेश गुप्ता के गुप्ता किराना स्टोर और असलम खान के शानू जनरल स्टोर के ताले तोड़ दिए थे। सभी दुकानों के शटर में सेंटर लॉक लगा हुए थे जो नहीं खुल सके थे। इस कारण चोरों की मंशा पूरी नहीं हो सकी थी। मामले की तहरीर देने के बाद भी पुलिस ने चोरों का पता लगाने का प्रयास नहीं किया।
गश्त भी नहीं बढ़ाई गई, जिस कारण चोरों ने मंगलवार रात बैंक में नकब लगा दी।
-
2016 में भी बैंक में लगाई जा चुकी है नकब
बंडा। चोर इससे पूर्व भी मकसूदापुर की बैंक ऑफ बड़ौदा शाखा में नकब लगा चुके हैं। चोरों ने तीन जगहों पर नकब लगाई थी।
25 दिसंबर 2016 की रात चोरों ने मकसूदापुर की बॉब शाखा में लगे एटीएम कक्ष का ताला तोड़कर अंदर घुसने की कोशिश की थी, लेकिन सेंटर लॉक नहीं टूटने के कारण चोर अंदर नहीं जा सके थे। इसके बाद चोरों ने बैंक के चैनल और शटर के ताले तोड़ दिए थे, लेकिन यहां भी सेंटर लॉक आड़े आ गया था। इसके बाद चोरों ने बैंक शाखा में नकब लगाई थी। नकब वाले स्थान पर शौचालय पड़ जाने से चोर अंदर नहीं घुस सके थे। इसके बाद दूसरे स्थान पर नकब लगाई तो बीम आड़े आ गई थी। इसके बाद चोरों ने तीसरे स्थान पर नकब काटी और बैंक में घुस गए थे। चोरों ने अलार्म का तार काट दिया था और तमाम कर्मचारियों की मेज की रैक खंगाल कर तिजोरी की चाबियों की तलाश की थी, लेकिन चाबी नहीं मिलने पर तमाम अभिलेख इधर उधर फेंक कर चले गए थे। संवाद
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें