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तहसीलदार के फर्जी हस्ताक्षर से प्रमाण पत्र बनवाने पर एफआईआर

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तिलहर। तहसीलदार के फर्जी हस्ताक्षर से पंचायत चुनाव में नामांकन के लिए फर्जी प्रमाण पत्र का फर्जीवाड़ा पकड़ में आने पर तहसील प्रशासन में हड़कंप मच गया। एसडीएम के निर्देश पर धोखाधड़ी करने वाले दो आवेदकों और केंद्र संचालकों के खिलाफ फर्जीवाड़े की रिपोर्ट दर्ज की गई है।
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तिलहर ब्लाक के ग्राम पंचायत अहिया मोहनपुर से प्रधान पद का चुनाव लड़ने के लिए विमला देवी पत्नी जंग बहादुर ने 31 मार्च 2021 को जाति प्रमाण पत्र बनवाने के लिए आवेदन किया था। उन्होंने प्रमाण पत्र बनवाने के लिए फर्जी प्रमाण पत्र संलग्न किया जो 26 मार्च 2018 को वर्तमान तहसीलदार तृप्ति गुप्ता के डिजिटल हस्ताक्षर से जारी प्रमाण पत्र साक्ष्य के लिए लगाया गया। जबकि इस अवधि में तहसीलदार तृप्ति गुप्ता तिलहर में कार्यरत नहीं थीं।
लेखपाल सुधा सिंह ने बताया कि विमला के पति जंग बहादुर ने पूछताछ में गांव डभौरा के जनसेवा केंद्र संचालक नीरज का नाम लेते हुए पांच सौ रुपये देकर जाति प्रमाण पत्र बनवाने का आरोप लगाया। लेखपाल द्वारा साक्ष्य दिए जाने पर तहसीलदार तृप्ति गुप्ता ने एसडीएम को रिपोर्ट दर्ज कराने की संस्तुति की। इसी तरह दूसरा मामला ग्राम पंचायत वीरमपुर का पाया गया। यहां पर गांव वीरमपुर निवासी सोनी देवी पत्नी कलेक्टर सिंह ने जाति प्रमाण पत्र बनवाने के लिए 11 मार्च 2021 को आवेदन किया। साक्ष्य के लिए 27 मई 2014 का निर्गत जाति प्रमाण पत्र लगाया गया। बताते हैं कि इस जाति प्रमाण पत्र पर भी तहसीलदार तृप्ति गुप्ता के फर्जी डिजिटल हस्ताक्षर पाए गए।लेखपाल तरुण प्रताप सिंह मामले को तहसीलदार से अवगत कराया। फर्जी मामला पकड़ में आने पर तहसीलदार तृप्ति गुप्ता ने इस मामले में भी एसडीएम को दोषियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने की संस्तुति की। तहसीलदार तृप्ति गुप्ता ने बताया कि एसडीएम सुरेंद्र सिंह ने तिलहर कोतवाली पुलिस को मंगलवार को ही आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने के निर्देश दिए हैं। उधर प्रभारी निरीक्षक हरपाल सिंह बालियान ने बताया कि केंद्र संचालकों और आवेदन कर्ताओं के खिलाफ धोखाधड़ी की रिपोर्ट दर्ज की गई है।
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