शाहजहांपुर। अपर सत्र न्यायाधीश ने गैर इरादतन हत्या के मामले में दोषी पाते हुए बाप और उसके तीन बेटों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। यह वारदात कांट क्षेत्र के खुटरिया गांव में 26 अगस्त 2011 को शाम पांच बजे हुई थी।
अभियोजन पक्ष के अनुसार खुटरिया गांव निवासी राजवीर और उसके पुत्र अवधेश सिंह, जगदीश सिंह व मुकेश अपने जानवरों को वहीं के राजेंद्र सिंह के खेत में चरा रहे थे। उन्हें देखकर राजेंद्र सिंह के भाई धीरेंद्र सिंह खेत पर पहुंचे और अपने खेत में जानवरों को चराने का विरोध किया। इस मुकेश ने गाली गलौज शुरू कर दी। मना करने पर मुकेश के भाई अवधेश सिंह, जगदीश सिंह बंदूक व दो अन्य लोग लाठी डंडे लेकर धीरेंद्र को पीटने लगे। इसका पता लगने पर भतीजा परवेंद्र बचाने पहुंचा तो हमलावरों ने उसे भी पीटा। इससे दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों को इलाज के लिए कांट स्थित स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। वहां से धीरेंद्र सिंह को जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। बाद में परिजन धीरेंद्र को इलाज के लिए बरेली स्थित एक निजी अस्पताल ले गए। जहां 26 अगस्त की रात धीरेंद्र सिंह की मौत हो गई। उनके भाई राजेंद्र सिंह की ओर से कांट थाने में गैर इरादतन हत्या की धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। पुलिस ने विवेचना के बाद अदालत में चार्जशीट दाखिल की। गवाहों के बयानात व सरकारी वकील उमेश चंद्र के तर्कों को सुनने के बाद अपर सत्र न्यायाधीश ने आरोपी राजवीर सिंह, उसके बेटे जगदीश सिंह, अवधेश सिंह, मुकेश को दोषी पाते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।