शाहजहांपुर। जिला महिला अस्पताल में प्रसूता राखी राठौर की मौत के मामले में एक डॉक्टर के खिलाफ चौक कोतवाली में गैर इरादतन हत्या की रिपोर्ट दर्ज की गई है। उन पर इलाज में लापरवाही करने का आरोप है। डॉक्टर के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर मृतका के परिवार वालों ने कलक्ट्रेट में कई दिन धरना दिया था।
शहर के मोहल्ला दिलाजाक निवासी राखी राठौर ने 25 अगस्त 2020 को सुबह जिला महिला अस्पताल में बच्चे को जन्म दिया था। उसी रात करीब आठ बजे प्रसूता राखी की मौत हो गई थी। परिवार वालों का आरोप है कि डॉक्टर की लापरवाही से राखी की मौत हुई। इसको लेकर कई बार घरवाले अधिकारियों से मिले थे। डीएम के निर्देश पर इस मामले में सीडीओ और मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य ने जांच भी कराई थी, लेकिन डॉक्टर के खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई। इसके विरोध में पीड़ित परिवार ने कलक्ट्रेट में धरना दिया। मुख्यमंत्री को ज्ञापन भी भेजा था। सोमवार को भी धरना दिया गया था, जिसमें शोषित समाज मोर्चा के कार्यकर्ता और सपाई भी शामिल रहे। इस पर सिटी मजिस्ट्रेट के बुलावे पर धरना स्थल पर पहुंचे सीओ सिटी ने चौक कोतवाली पुलिस को रिपोर्ट दर्ज करने के निर्देश दिए थे। सीओ सिटी प्रवीन यादव ने बताया कि डॉ. किरण गुप्ता के खिलाफ चौक कोतवाली में आईपीसी की धारा 304 ए (असावधानी से किसी की मृत्यु) और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम तहत रिपोर्ट दर्ज की गई है।
आरोपी डॉक्टर ने खुद को बताया बेकसूर
आरोपी डॉ. किरन गुप्ता ने का कहना है कि 23 अगस्त को राखी को अस्पताल में भर्ती कराया गया। उस दिन डॉ. ऋतु रस्तोगी की ड्यूटी थी और अगले दिन डॉ. शालिनी ड्यूटी पर रहीं, लेकिन राखी का आपरेशन नहीं किया गया। 25 अगस्त को उन्होंने सुबह आठ बजे ड्यूटी पर आने के बाद एक घंटे में राखी का ऑपरेशन कर दिया था। शाम तक घरवालों को उनसे कोई शिकायत नहीं थी, लेकिन राखी की मौत के छह घंटे बाद कुछ लोगों के भड़काने पर घरवालों ने हंगामा कर तरह-तरह के आरोप लगाने शुरू कर दिए। डॉ. किरन के अनुसार राखी की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी ऑपरेशन में कोई कमी नहीं पाई गई। अब उन पर रकम मांगने का आरोप लगाया जा रहा है, लेकिन राखी के भर्ती होने के 48 घंटे बाद तक उसका आयुष्मान कार्ड स्टाफ नर्स को उपलब्ध नहीं कराया गया। उन्होंने कहा कि इस मामले में उनका इतना मानसिक उत्पीड़न किया जा रहा है कि अब डिलीवरी केस को हाथ लगाने से डर लग रहा है।