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शाहजहांपुरः आसाराम की फोटो लगाकर कैदियों को बांटे गए कंबल, डीएम ने जेल अधीक्षक को जारी किया नोटिस

Wed, 23 Dec 2020 12:35 AM IST
बरेली ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शाहजहांपुर
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आसाराम - फोटो : self
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शाहजहांपुर शहर की एक छात्रा से दुष्कर्म के दोषी आसाराम आजीवन कारावास की सजा काट रहा है। मगर सोमवार को यहां जिला जेल के अंदर आशाराम की फोटो लगाकर उनका कंबल वितरण किया गया। जमानत पर चल रहे अर्जुन और नारायण पांडेय की ओर से कंबल वितरण कराया गया है, लेकिन जेल प्रशासन यह भूल गया कि दोनों ही आसाराम प्रकरण में गवाह की हत्या के मामले में इसी जेल में बंद रह चुके थे। अब इस मामले में डीएम की ओर से जेल अधीक्षक को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया गया है।

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आसाराम की छवि को अच्छा बनाने के लिए हर तरह के हथकंडे उनके समर्थक अपना चुके हैं। सोमवार शाम लखनऊ में स्थित आसाराम बापू आश्रम की तरफ से जेल प्रशासन को कंबल भेजे गए, सर्दी से बचाने के लिए कंबल को बंदियों को बांटे गए थे। जेल प्रशासन की तरफ से जारी प्रेस नोट में आसाराम के समर्थक अर्जुन और नारायण पांडेय उर्फ पुष्पेंद्र पांडेय का भी नाम लिखा गया था। जबकि ये दोनों आसाराम प्रकरण में गवाह की हत्या के आरोप में जेल में बंद हो चुके थे।

इस वक्त जमानत पर बाहर है। जेल प्रशासन की तरफ से जारी प्रेस नोट के अनुसार, अर्जुन और नारायण पांडेय उर्फ पुष्पेंद्र पांडेय के सौजन्य से, जेल में बंद बंदियों को कंबल बाटे जाने पर जेल अधीक्षक राकेश कुमार ने धन्यवाद दिया है। इसकी जानकारी आला अफसरों को हुई तो खलबली मच गई। डीएम इंद्र विक्रम की ओर से जेल अधीक्षक को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा गया है।
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मामले में जेल अधीक्षक को नोटिस जारी किया गया है। सही क्या है इसका नोटिस का जवाब आने के बाद पता चल सकेगा। जवाब के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। - इंद्र विक्रम सिंह डीएम

कार्यक्रम के आयोजन को लेकर अनर्गल प्रचार किया जा रहा है। जिला जेल में आयोजित कार्यक्रम में कंबल के साथ बंदियों को कुछ धार्मिक पुस्तकों का वितरण किया गया था। गलती सिर्फ इतनी रही कि कार्यक्रम के आयोजकों ने बैनर में आसाराम की तस्वीर लगा दी थी। हालांकि पहले केवल कंबल वितरण के लिए की अनुमति मांगी गई थी। किसी तरह का सत्संग या महिमा मंडन नहीं किया गया है।
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- राकेश कुमार, जिला जेल अधीक्षक

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