शाहजहांपुर। निगोही क्षेत्र के गांव विक्रमपुर चकोरा में वर्ष 2016 में हुई घटना के एक मामले में तृतीय अपर सत्र न्यायाधीश प्रमोद कुमार ने दो आरोपियों को आजीवन कारावास, 20-20 हजार रुपये के जुर्माने की सजा से दंडित किया है। आरोपी अमरजीत को आर्म्स एक्ट के तहत दो वर्ष के कारावास और पांच हजार रुपये जुर्माने की सजा अलग से सुनाई गई है।
अभियोजन पक्ष के अनुसार घटना 23 अप्रैल 2016 की है। शाम करीब 5:30 बजे मुन्नी देवी वादिनी के जेठ हरद्वारी के पोते लखविंदर सिंह की बरात जानी थी। वादिनी के पति कलक्टर सिंह (मृतक) बरात जाने के लिए तैयार होने जा रहे थे। तभी उनके गांव के अमरजीत, उसके पिता चंद्रसेन, जयवीर, उसका भाई सुखवीर असलहों के साथ घर में घुस आए और कलक्टर सिंह को पकड़ लिया। अमरजीत ने सीने में तमंचे से फायर मारा, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। कलक्टर सिंह (मृतक) और आरोपियों के बीच विवाद की शुरूआत घूरे की जगह को लेकर हुई थी। वादिनी की तहरीर के आधार पर आरोपियों के खिलाफ धारा 302, 307, 452, 506 के तहत रिपोर्ट दर्ज की गई। पुलिस ने अगले दिन सुबह 8:30 बजे मुखबिर की सूचना के आधार पर ग्राम उदयपुर के पास अमरजीत व सुखवीर को गिरफ्तार कर लिया। बाद में इन लोगों ने हत्या में प्रयुक्त तमंचा बरामद कराया। अदालत में मुकदमा चलने के दौरान सरकारी वकील विनोद कुमार शुक्ल द्वारा प्रस्तुत आठ गवाहों के बयान लेने और बचाव पक्ष के तर्कों को सुनने के बाद अपर सत्र न्यायाधीश ने आरोपी अमरजीत, जयवीर को दोषी पाते हुए उन्हें आजीवन कारावास की सजा सुनाई। अमरजीत को 25 हजार तथा जयवीर को 20 हजार रुपये जुर्माने से भी दंडित किया गया।