बंडा। स्वास्थ्य विभाग की महिला कर्मियों के सहयोग से बंडा पुलिस ने सीएचसी से बच्ची चोरी होने की घटना का खुलासा कर दिया। पुलिस ने नवजात बच्ची को तलाशने के साथ आरोपी महिला को भी गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ के बाद उसे जेल भेज दिया गया।
बंडा थाना क्षेत्र के ग्राम सुभानपुर निवासी नेमचंद्र की पत्नी संजू देवी ने 15 मई की बंडा सीएचसी में बेटी को जन्म दिया था। वहां प्रसव के बाद संजू देवी को जच्चा बच्चा वार्ड में शिफ्ट कर दिया गया था। नवजात बच्ची संजू देवी की मां रामरानी के पास थी। रात में एक अनजान युवती सीएचसी के जच्चा बच्चा वार्ड में पहुंची। उसने इधर उधर की बातें करके पहले रामरानी से नजदीकी बढ़ाई। फिर खिलाने के बहाने बच्ची को अपनी गोद में ले लिया था। रामरानी को नींद आने के बाद अनजान महिला बच्ची को लेकर चली गई थी। परिजन को बच्ची चोरी होने की जानकारी सुबह को जागने पर हुई। नेमचंद्र की ओर से बंडा थाने में अज्ञात महिला के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी।
थाना प्रभारी राजेंद्र बहादुर सिंह ने बताया कि सीएचसी में लगे सीसीटीवी कैमरे के फुटेज में एक महिला बच्ची को ले जाती दिखाई दी थी, लेकिन महिला का मुंह ढका होने से पहचान नहीं हो सकी थी। शनिवार को थाना प्रभारी ने अस्पताल में सभी एएनएम और आशा बहुओं के साथ बैठक करके बच्ची को तलाशने में सहयोग मांगा। स्वास्थ्य विभाग की महिला कर्मियों से ऐसे बच्चों का पता लगाकर सूची बनाने की अपील की गई, जिनका जन्म 15 मई और उसके आसपास हुआ हो।
सोमवार को एएनएम सुचेता, पूनम और आशा बहू नीरज ने बताया कि उन्होनें बंडा के मोहल्ला रामनगर निवासी नितेश उर्फ नीतू की पत्नी पूजा के पास एक बच्ची देखी है। इसके बाद थाना प्रभारी राजेंद्र बहादुर, सीएचसी अधीक्षक मनोज मिश्रा, डॉ. विवेक शुक्ला नितेश के घर गए। उनके पूछताछ करने पर नितेश की पत्नी पूजा ने बताया कि वह बिहार की रहने वाली है। उसकी पहली शादी लखनऊ के पास हुई थी। पहले पति से उसके दो बच्चे हैं। दो बच्चे होने के बाद उसने नसबंदी करा ली थी। करीब एक वर्ष पूर्व उसे पहले पति ने पीटकर घर से भगा दिया था। उसकी नितेश की मां से जान पहचान थी। लखनऊ से चलकर वह बंडा पहुंच गई और नितेश के साथ दूसरी शादी कर ली। पूजा को बच्चों से बहुत प्रेम है। मगर नसबंदी करा लेने की वजह से बच्चे हो नहीं सकते। इसी कारण उसने अस्पताल से बच्चा चोरी करने का प्लान बनाया। पुलिस ने नवजात बच्ची को कब्जे में लेकर मेडिकल परीक्षण कराया। उसके बाद नवजात बच्ची को मां संजू देवी के सुपुर्द कर दिया गया है। उधर, बच्ची चोरी करने के आरोप में पूजा को जेल भेज दिया गया।
बच्चा प्रेम ने पूजा को पहुंचाया सलाखों के पीछे
पति से छिपाया नसबंदी का राज, गर्भवती बताकर कराया टीकाकरण
बंडा। दो शादियां करने के बावजूद पूजा की किस्मत में बच्चों का सुख नहीं था। उसके दो बच्चे हुए, जो पहले पति के पास रह गए। दूसरी शादी करने से पहले नसबंदी करा चुकी थी। हालांकि उसने नसबंदी करा लेने की बात दूसरे पति नितेश से छिपाई थी। पूछताछ के दौरान पूजा ने बताया कि उसे बच्चों से बहुत प्रेम है। पति छोड़ न दे इस डर की वजह से उसने नसबंदी करा लेने की बात ही नितेश से नहीं छिपाई, बल्कि खुद को गर्भवती बताकर उसने दो टीके भी लगवाए थे। 15 मई की शाम पति की अनुपस्थित में पूजा घर से चली गई। अगले दिन सुबह को वह बच्ची लेकर घर लौटी। पति के पूछने पर पूजा ने कह दिया कि प्रसव पीड़ा होने पर वह अकेली ही अस्पताल चली गई। रात में उसने बच्ची को जन्म दिया। बेटी होने की सुनकर नितेश बेहद खुश हुआ। उसने खुशी में लड्डू बांटे। सोमवार को बच्ची चोरी की होने का पता चलने पर परिजन और मोहल्ले वाले सन्न रह गए।
स्वास्थ्य कर्मियों की लापरवाही सामने आई
बंडा सीएचसी से बच्ची चोरी होने का खुलासा होने पर स्वास्थ्य विभाग के महिला कर्मियों की लापरवाही भी सामने आई है। पूजा ने पति को गुमराह करने के लिए खुद को गर्भवती बताया था। स्वास्थ्य कर्मियों ने पूजा का चेकअप किए गर्भवती महिलाओं को प्रसव से पहले लगने वाले दो टीके लगा दिए थे। जबकि पूजा गर्भवती ही नहीं थी।
सीएचसी से नवजात बच्ची चोरी होने के मामले का खुलासा कर आरोपी महिला को पकड़ लिया गया है। लिखा पढ़ी के बाद आरोपी महिला को भेज भेल दिया गया। नवजात बच्ची को माता-पिता के सुपुर्द कर दिया गया।
राजेंद्र बहादुर सिंह, थाना प्रभारी बंडा