शाहजहांपुर। राजस्व अभिलेखों में कूट रचना कर जीवित व्यक्ति को मृत दर्शाने के मामले में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ओमवीर सिंह ने हल्का लेखपाल और रिटायर्ड नायब तहसीलदार के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करने के आदेश चौक कोतवाली प्रभारी निरीक्षक को दिया है।
थाना सेहरामऊ दक्षिणी क्षेत्र के गांव सुजातपुर निवासी दयाशंकर शुक्ला की ओर से मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की कोर्ट में दिए गए प्रार्थना पत्र में कहा गया कि उसके नाम आराजी तहसील सदर क्षेत्र के गांव बादशाहनगर व सुजातपुर में विभिन्न गाटा संख्या में राजस्व अभिलेखों में दर्ज है। आरोप लगाया कि हलका लेखपाल अंशू वाजपेई व तत्कालीन नायब तहसीलदार राजेश्वर सिंह ने सरकारी पद का दुरूपयोग कर व अन्य लोगों से सांठगांठ करके व राजस्व अभिलेखों में उसे मृत दर्शाकर आराजी दीपक के नाम राजस्व अभिलेखों में दर्ज कर ली और दीपक के कब्जे की झूठी रिपोर्ट लगा दी। शिकायत करने पर तहसील कर्मचारियों को बचाने के उद्देश्य से नायब तहसीलदार का फर्जी आदेश छह जून 2019 स्थगित कर दिया गया। 14 अक्तूबर 2019 के आदेश पर कार्यवाही समाप्त की गई, लेकिन सरकारी पद का दुरुपयोग करके अनुचित लाभ लेने वाले लेखपाल व नायब तहसीलदार के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई। जबकि लेखपाल और नायब तहसीलदार ने धोखाधड़ी, जालसाजी, सरकारी अभिलेखों में कूट रचना कर झूठी रिपोर्ट लगाई। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने पीड़ित के अधिवक्ता की दलील को सुनने के बाद प्रार्थना पत्र को स्वीकार करते हुए मामले की सुसंगत धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कर विवेचना करने के आदेश चौक कोतवाली पुलिस को दिए।