खुटार। कोल्हूगाढ़ा गांव में मंगलवार रात सशस्त्र बदमाशों ने तीन सगे भाइयों के घर में धावा बोलकर परिवारों को बांधकर डाल लिया। परिवार वालों को धमकाकर बदमाश नकदी, जेवर समेत ढाई लाख रुपये का माल लूट ले गए। सूचना पर एएसपी ग्रामीण अपर्णा गौतम और सीओ प्रवीण कुमार ने मौका मुआयना किया और पीड़ितों से घटना की जानकारी ली। मगर पुलिस ने घटना में खेल कर लूट की रिपोर्ट दर्ज की है।
कोल्हूगाढ़ा निवासी राधेश्याम राठौर का घर गांव के बाहर खेतों के पास है। पास ही उनके भाई विनोद और रामेंद्र राठौर का भी घर है। राधेश्याम और विनोद राज मिस्त्री हैं, जबकि रामेंद्र गांवों में फेरी लगाकर मेकअप का सामान बेचते हैं। राधेश्याम और रामेंद्र के घर में दरवाजा नहीं लगा है। सबसे पहले 8-10 बदमाश रात करीब 12 बजे रामेंद्र के घर में घुसे। यहां रामेंद्र, उसकी पत्नी राजकुमारी देवी, दस वर्षीय पुत्र किशन, आठ वर्ष पुत्री खुशबू और छह वर्षीय पुत्री सेजल को धोती से बांधकर डाल दिया। यहां से बदमाशों ने 15 हजार रुपये की नकदी और सोने चांदी के जेवरात लूट लिए। फिर बदमाश राधेश्याम के घर घुसे। उनकी मां फूलमती और भांजा सुमित घर के बाहर छप्पर में सो रहे थे। उनकी मां और भांजे को चारपाई से बांध दिया। छप्पर के नीचे बक्से में रखे 12 हजार रुपये और जेवरात लूट लिए। इसके बाद दीवार फांदकर डकैत विनोद के घर पहुंचे। विनोद, उनकी पत्नी पूनम देवी और आठ वर्षीय पुत्र शोभित को बांधकर चारपाई पर बांधकर डाल दिया और बक्से में रखे 39 हजार रुपये और जेवरात लूट लिए। मगर पुलिस ने इस घटना में राधेश्याम की तहरीर पर तीन अज्ञात बदमाशों के खिलाफ लूट की रिपोर्ट दर्ज की है।
आसपास के ही थे बदमाश, कोडवर्ड में कर रहे थे बात
बदमाशों के जाने के बाद परिवार के लोग किसी तरह बंधनमुक्त हुए और शोर मचाया तो आसपास के लोग पहुंचे। पुलिस भी पहुंची और बुधवार सुबह एएसपी अपर्णा गौतम और सीओ प्रवीण कुमार यादव मौके पर पहुंचे। पीड़ितों ने बताया कि बदमाश करीब दो घंटे तक वहां लूटपाट करते रहे और कोड वर्ड में बातचीत कर रहे थे। दो बदमाश स्थानीय भाषा बोल रहे थे और एक लखीमपुर की ओर बोली जाने वाली पूर्वी भाषा में बात कर रहा था। अन्य डकैत कोडवर्ड में बात कर रहे थे, जो उन लोगों की समझ में नहीं आई।
शादी का सामान भी लूट ले गए
डकैतों का शिकार बने सुमित राठौर मूलरूप से खुटार के मोहल्ला बगियानाथ के रहने वाले हैं। वह पांच वर्ष से अपनी ननिहाल में रह रहे हैं। मार्च में सुमित की शादी है। मामा रामेंद्र राठौर ने उसकी शादी के लिए कुछ जेवर खरीदकर रखे थे, उन्हें भी डकैत लूट ले गए।
लूट की कोशिश पर एसओ ने बताया
सब ठीक, रात 12 बजे पड़ गई डकैती
पुवायां। खुटार एसओ मंगलवार शाम एक युवक से लूट की कोशिश को गंभीरता से लेकर गश्त कराते तो डकैती की घटना को टाला जा सकता था, लेकिन सूचना के बाद भी एसओ ने कोई कार्रवाई करने की जरूरत नहीं समझी।
गौरतलब है कि तुलापुर निवासी संदीप मिश्रा मंगलवार रात आठ बजे खुटार से बाइक से घर जा रहे थे। गांव मोहनपुर के पास पीछे से बाइक पर आए तीन बदमाशों ने तमंचा तानकर उन्हें लूटने की कोशिश की। मगर एक अन्य वाहन आने पर बदमाश भाग निकले थे। संदीप ने एसओ तेजपाल सिंह को इसकी सूचना दी थी। मगर एसओ ने बदमाशों की तलाश के बजाय सब सामान्य बता दिया। लोगों का कहना है कि लूट की कोशिश पर पुलिस सक्रिय होती तो डकैती की वारदात को टाला जा सकता था।
पुरानी घटनाओं का भी खुलासा नहीं
खुटार क्षेत्र में गोला बाईपास मार्ग पर 22 दिसंबर को बदमाशों ने दो सेल्समैन से नकदी और 23 पार्सल लूटे थे। छह जनवरी को गांव रामपुर कलां में तिलहर के शिक्षक इकबाल अहमद के घर शिक्षक और उनकी पत्नी को बंधक बनाकर डकैती डाली थी। 15 जनवरी की रात तीन नलकूपों से मोटर चोरी हो गए। मगर पुलिस इनमें से किसी घटना का खुलासा नहीं कर सकी है।
वर्जन
कोल्हूगाढ़ा के मामले की जांच की जा रही है। कुछ लोगों से पूछताछ भी की गई है। तहरीर के आधार पर रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है।
- तेजपाल सिंह, एसओ खुटार