पति, पत्नी और वो..
बेफिक्र प्रेमिका के साथ रंगरेलियां मना रहा था रिटायर्ड दरोगा, पत्नी ने पकड़ा
- पत्नी भी रिटायर्ड दरोगा, दिमाग चलाया और बिना बताए ही मायके से लौट आई थी घर
- पड़ोसी की मदद से चोरी छिपे पहुंची घर के अंदर, घमासान के बाद थाने में हुआ समझौता
संवाद न्यूज एजेंसी
रोजा। इज्जत और नौकरी की साख को ताक पर रखते हुए एक रिटायर्ड दरोगा बुढ़ापे में भी रंगरेलियां मनाने से बाज नहीं आया। दरोगा के पद से ही रिटायर्ड पत्नी और परिवार को धोखा देते हुए बाहर ही नहीं उनकी गैरमौजूदगी में घर में भी अन्य महिलाओं का आना जाना शुरू हो गया। लेकिन यह भूल गया कि पत्नी ने भी उतना ही कानून पढ़ा और पढ़ाया है जितना की उसने। मामला तब खुला जब बच्चों के साथ मायके से लौटी रिटायर्ड दरोगा पत्नी बिना सूचना के ही घर पर आ धमकी। अन्य महिला के साथ पकड़े जाने पर जमकर हंगामा हुआ जोकि थाने पहुंचकर ही निपट पाया।
रोजा क्षेत्र के एक गांव में दरोगा के पद से रिटायर्ड दंपती बच्चों के साथ रहते हैं। बुधवार रात करीब 11 बजे उनके घर से जबरदस्त नोकझोंक की आवाजें आईं तो आसपास के लगो इकट्ठा हो गए। इलाके के ही एक व्यक्ति के मुताबिक महिला ने अपने पति को दूसरी महिला के साथ घर में पकड़ लिया था। इस पर घर में घमासान मचा हुआ है। झगड़े के बीच मारपीट की नौबत आते देख एक पड़ोसी ने यूपी 112 पर सूचना देकर पुलिस को बुला लिया। पुलिस रिटायर्ड दरोगा और उसके साथ पकड़ी गई महिला को थाने ले गई। महकमे से ही रिटायर्ड होने की लाज रखते हुए पुलिस ने दंपती के बीच समझौता करा दिया। रिटायर्ड दरोगा की प्रेमिका बताई जाने वाली महिला भी पुलिस की मदद से थाने से ही गायब हो गई। पुलिस के मुताबिक रिटायर्ड दरोगा की पत्नी बच्चों के साथ दो दिन पहले एक शादी समारोह में शामिल होने मायके गई थीं। बुधवार देर रात लौटी तो पति को बिना बताए ही घर पहुंच गई। वहां उन्हें घर के अंदर से पति और किसी महिला की आवाजें सुनाई दी तो उन्होंने पड़ोसी को बुलाकर चोरी छिपे घर में घुसने की योजना बनाई। वह घर के अंदर पहुंची तो उनके होश उड़ गए। उन्होंने पति को महिला के साथ आपत्तिजनक स्थिति में पकड़ लिया। इसके बाद दोनों में झगड़ा शुरू हो गया।
वर्जन
- पति-पत्नी के बीच अनबन रहती है। इसलिए दरोगा अलग बने मकान में जाकर कभी कभार खाना खा लेते हैं। उनकी पत्नी एक महिला से संबंध होने का शक करती है। दोनों को बैठाकर समझौता करा दिया गया, जिसके बाद दोनों घर चले गए। - अशोक पाल, इंस्पेक्टर रोजा