फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

झगड़े के दौरान गोद से गिरे ढाई माह के बच्चे की मौत

विज्ञापन
विज्ञापन
पुवायां (शाहजहांपुर)। पुवायां के गांव नहिलोरा बुजुर्ग में परिवार के लोगों के रंजिशन पति को पीटने पर बचाने गई महिला की गोद से गिरकर ढाई माह के बच्चे की मौत हो गई। बच्चे के पिता ने अपने दो भाइयों और उनकी पत्नी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है।
विज्ञापन

गांव नहिलोरा बुजुर्ग निवासी नागेश कुमार ने पुलिस को बताया कि 20 नवंबर को उनका अपने बड़े भाई हरिओम और छोटे भाई वीरपाल से घरेलू मामलों को लेकर विवाद हो गया था। इस पर हरिओम, वीरपाल और दोनों की पत्नियों ने उसके साथ मारपीट की थी। उसने मामले की रिपोर्ट दर्ज कराई थी, जिस कारण उक्त रंजिश मानते थे।
पुरानी लड़ाई की रंजिश में सोमवार को चारों लोग आकर उसे पीटने लगे। उसके शोर मचाने पर पत्नी गीता देवी बचाने आईं तो आरोपी उसे भी पीटने लगे। मारपीट होने से पत्नी गीता देवी की गोद से उसका ढाई माह का पुत्र अंकुश गिर पड़ा और चोट लगने से बच्चे की मौत हो गई। शोर सुनकर गांव के लोग मौके पर आए तो आरोपी कहीं भी शिकायत करने पर जान से मार देने की धमकी देते हुए चले गए। इसके बाद वह बच्चे के शव को लेकर कोतवाली पहुंचा और तहरीर दी। पुलिस ने हरिओम, वीरपाल और दोनों की पत्नियों के खिलाफ धारा 304ए के तहत रिपोर्ट दर्ज कर ली है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है।
विज्ञापन

मामूली विवाद में चली गई मासूम की जान
लकड़ी हटाने को लेकर हो रहा था विवाद
पुवायां। सोमवार को मामूली विवाद में नागेश के दुधमुंहे बच्चे की जान चली गई। गांव में मामले को लेकर तमाम चर्चाएं हैं।
नागेश ने अपने घर के सामने कुछ लकड़ी लगा रखी है। हरिओम और वीरपाल जगह को अपनी बता रहे हैं। 20 नवंबर को हरिओम ने नागेश से लकड़ी हटाने को कहा तो नागेश ने जगह अपनी बताते हुए लकड़ी हटाने से इंकार कर दिया। इस बीच नागेश का छोटा भाई वीरपाल भी मौके पर आ गया और दोनों ने नागेश की पिटाई कर दी। मामले में रिपोर्ट दर्ज होने के बाद लकड़ी नहीं हटने पर रंजिश बनी रही।
सोमवार सुबह भी लकड़ी हटाने को लेकर कहासुनी के बाद विवाद होने लगा और मारपीट में बच्चे के गोद से गिर जाने से उसकी जान चली गई। गांव के लोगों का कहना था कि जरा सी बात पर हुई लड़ाई में बच्चे की जान पर बन आई।
तमाम मन्नतों के बाद हुआ था पुत्र
पुवायां। नागेश की शादी को कई वर्ष हो चुके हैं। उसके एक पांच वर्षीय पुत्री गुंजन है। कोई पुत्र नहीं होने के कारण नागेश और गीता देवी ने तमाम जगह मनौती मांगी थी। इसके बाद ढाई माह पूर्व उन्हें पुत्र की प्राप्ति हुई थी। नागेश और गीता देवी पुत्र के जन्म के बाद काफी खुश थे और नामकरण संस्कार में उन्होंने काफी खर्च कर दावत आदि की थी, लेकिन भाइयों के बीच मामूली विवाद ने नागेश और गीता देवी से उनके इकलौते पुत्र को छीन लिया। पुत्र की मौत से नागेश और गीता देवी का रो रोकर बुरा हाल है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें