शाहजहांपुर। कलान कस्बा के शिव मेडिकल स्टोर पर औषधि नियंत्रण विभाग की टीम द्वारा छापा मारने पर 16 लाख रुपये की नशीली एवं प्रतिबंधित दवाएं पकड़ी गई थीं। इस मामले में नामजद भाजपा नेता संजीव गुप्ता के बेटे प्रिंस गुप्ता की गिरफ्तारी का कलान पुलिस केवल ढिंढोरा पीट रही है। पुलिस मेडिकल स्टोर पर नौकरी करने वाले रामू को उसी दिन गिरफ्तार कर लिया गया था, जो जेल में है। मगर भाजपा नेता प्रिंस गुप्ता को नहीं पकड़ा गया, जबकि वह उस दिन अपने शादी समारोह में मौजूद था। खास बात यह कि शादी की दावत में कई पुलिस वाले भी पहुंचे थे। आसपास के कुछ लोगों का कहना है कि शुक्रवार सुबह तक प्रिंस गुप्ता अपने घर में थे। मगर उसके बाद कहीं चले गए। इसके बाद पुलिस दबिश के नाम पर प्रिंस के घर पहुंची थी और कुछ ही मिनट बाद लौट गई।
प्रतिबंधित दवाओं के मामले में वांछित है प्रिंस
बुधवार 21 नवंबर को बरेली जीआरपी द्वारा स्टेशन पर पकड़े गए ड्रग तस्करों की निशानदेही पर ड्रग कमिश्नर संजय कुमार के नेतृत्व में गठित टीम द्वारा भाजपा नेता संजीव गुप्ता के बेटे प्रिंस के शिव मेडिकल स्टोर पर छापामार ने पर करीब 16 लाख रुपये की नशीली एवं प्रतिबंधित दवाएं बरामद हुई थीं। करीब 16 ब्रांड की जब्त दवाओं में हजारों नशीले इंजेक्शन समेत हार्मोनल इंजेक्शन ऑक्सीटोसिन, टेबलेट प्रॉक्सीवान, एक्सोजेसिक, जेक्सीवन प्लस, पेंटाजेसील, एविल, ट्रामाटॉल आदि शामिल हैं। इस मामले मेें ड्रग इंस्पेक्टर देशबंधु विमल की तहरीर पर मेडिकल स्टोर संचालक प्रिंस गुप्ता और छापे के दौरान दुकान पर मौजूद मिले मदनापुर क्षेत्र के गांव जौरा भूड़ निवासी नौकर राम सिंह के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धारा 8/21 के तहत रिपोर्ट दर्ज हुई थी। पुलिस ने हिरासत में लिए गए नौकर रामू को अगले दिन कोर्ट मेें पेश कर जेल भिजवा दिया, लेकिन पुलिस ने प्रिंस पर हाथ डालने की हिम्मत नहीं कर रही है।
प्रिंस की शादी की दावत में शामिल हुए थे पुलिस वाले
इसे संयोग ही कहेंगे कि जिस दिन प्रिंस के मेडिकल स्टोर पर छापा पड़ा, उसी दिन शाम को कसबे में प्रिंस की शादी के रिसेप्शन की दावत थी। दावत के पंडाल में प्रिंस गुप्ता को देर रात तक देखा गया। पुलिस चाहती तो उसे उसी दिन गिरफ्तार कर सकती थी, लेकिन पुलिसवाले उसे नजरंदाज कर उसकी शादी की दावत उड़ाते रहे। अगले दिन बृहस्पतिवार को भी उसे कसबे में देखा गया। दोपहर को उसकी गिरफ्तारी के प्रयास का नाटक किया गया। सीओ ब्रहम पाल सिंह के नेतृत्व में कई थानों की फोर्स उसके घर के दरवाजे तक गई और उसे फरार बताकर लौट आई। खास यह रही कि बृहस्पतिवार और बीते दिन शुक्रवार को सुबह आठ बजे तक प्रिंस को कसबे मेें देखा गया, लेकिन पुलिस उसे अनदेखा करती रही।
चाचा पर बनाया दबाव भी नहीं आया काम
प्रिंस के घर से खाली हाथ लौटे सीओ बृह्मपाल सिंह ने थाने लौटकर उसके चाचा भाजपा सहकारिता प्रकोष्ठ के जिला संयोजक विनोद गुप्ता को बुलवाकर प्रिंस को गिरफ्तार कराने का दबाव बनाया। विनोद ने भतीजे प्रिंस को जल्द सामने लाने का वादा भी किया, लेकिन उसे निभाया नहीं। पुलिस ने भी दोबारा परिवार किसी सदस्य से उसकी टोह लेने की कोशिश नहीं की। लोगों मेें चर्चा है कि सत्ता पक्ष के दबाव के कारण पुलिस वाले प्रिंस पर हाथ नहीं डालना चाह रहे।
प्रिंस की तलाश लगातार जारी है। बीते दिन वह घर पर नहीं मिला। इसलिए रात मेें भी उसके मकान पर दबिश दी गई, लेकिन वह मिला नहीं। उसके पिता से साफ कह दिया गया है कि वह जल्दी गिरफ्तार नहीं हुआ तो उस पर रासुका के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
-बृह्मपाल सिंह, पुलिस क्षेत्राधिकारी, जलालाबाद