पुवायां (शाहजहांपुर)। किसान से मारपीट करने के बाद किसान और उसके पुत्र के खिलाफ दर्ज कराई रिपोर्ट सेंटर इंचार्ज के लिए ही मुसीबत का सबब बन सकती है। दरअसल सेंटर इंचार्ज ने रिपोर्ट में सेंटर के जिस श्रमिक को पीटे जाने और जातिसूचक गाली गलौज की बात लिखवाई है, उसने पूरे मामले को झूठी करार देते हुए कहा कि सेंटर इंचार्ज ने गलत रिपोर्ट दर्ज करा दी है। किसान आंदोलन को लेकर पहले ही परेशान चल रहे अधिकारी पुवायां मंडी में हुए घटनाक्रम पर खफा हैं।
गौरतलब है कि 26 दिसंबर को पुवायां मंडी में लगे पीसीयू के सेंटर पर गांव मुकीमपुर के किसान चरनजीत सिंह सिक्स आर लेने गए थे। चरनजीत सिंह ने कई दिन पूर्व सेंटर पर धान बिक्री किया था, लेकिन उनको सिक्स आर नहीं दी गई थी। किसान के अनुसार सिक्स आर मांगने पर सेंटर इंचार्ज आशीष सिंह और महेशपाल सिंह उर्फ कप्तान ने उनको पीटकर घायल कर दिया था। इस दौरान उसके पास से एक हजार रुपये भी लूट लिए गए थे। उधर सेंटर इंचार्ज आशीष सिंह ने चरनजीत सिंह और उनके पुत्र हरपाल सिंह पर सेंटर पर आकर अभिलेख फाड़ने, लैपटॉप तोड़ने और सेंटर के श्रमिक गांव धर्मंगदपुर जप्ती निवासी अनुराग जाटव को जातिसूचक गाली गलौज करने, पिटाई करने के आरोप में रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
रविवार को श्रमिक अनुराग जाटव ने कोतवाली प्रभारी के नाम पत्र और स्टांप पर लिखकर दिया है कि चरनजीत सिंह सज्जन व्यक्ति हैं और उन्होंने उससे गाली गलौज मारपीट नहीं की है। रविवार को लोगों ने अखबार में पढ़कर बताया कि सेंटर इंचार्ज ने उनका नाम लिखवाकर किसान पर एससीएसटी एक्ट लगवा दिया है। सेंटर पर चरनजीत सिंह ने कोई अभिलेख नहीं फाड़े हैं और पिटाई गाली गलौज भी नहीं की है। श्रमिक के बयान के बाद सेंटर इंचार्ज की मुश्किलें बढ़ सकती हैं।
दोनों ओर से रिपोर्ट दर्ज कर मामले की जांच की जा रही है। अभी श्रमिक की ओर से कोई पत्र आदि प्राप्त नहीं हुआ हे। कोई बयान दिया जाता है तो उसे भी विवेचना में शामिल किया जाएगा।
- रवि कुमार, इंस्पेक्टर पुवायां।
श्रमिक ने सच्चाई का साथ दिया है। सेंटर इंचार्ज जिस श्रमिक की पिटाई और गाली गलौज की बात कह रहे हैं, वह खुद ही इनकार कर रहा है। सेंटर इंचार्ज पर झूठी रिपोर्ट दर्ज कराने के आरोप में कार्रवाई होनी चाहिए। सोमवार को पुलिस को शपथ पत्र, प्रार्थनापत्र आदि सौंपा जाएगा।
- महेंद्रपाल सिंह यादव, जिलाध्यक्ष भाकियू भानु गुट शाहजहांपुर