शाहजहांपुर। अपर सत्र न्यायाधीश (एडीजे) तृतीय किरनपाल सिंह ने वर्ष 2008 में खुटार के गांव हरनाई में हुए दहेज हत्याकांड के मुकदमे की सुनवाई के दौरान दोष सिद्ध होने पर आरोपी पति को दस वर्ष की कैद और 10 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है।
रामपुर के थाना शहजादनगर के गांव झुनईया निवासी रामकुमार की बेटी सविता का विवाह वर्ष 2004 में खुटार के गांव हरनाई निवासी राजाराम के बेटे दीपू उर्फ अनिरूद्ध के साथ हुआ था। सविता की मां की बचपन में ही मृत्यु हो गई थी। पिता की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं होने की वजह से सविता की शादी तहेरे भाई मनोहरलाल और उनके बेटे कृष्णकुमार आदि ने मिलकर की थी। जिसमें हैसियत अनुसार दान-दहेज दिया गया था, लेकिन ससुराल वाले दिए गए दहेज से संतुष्ट नहीं थे। ससुराल वाले और दहेज में पचास हजार रुपये नकद व बाइक की मांग को लेकर सविता को प्रताड़ित करने लगे। आरोप लगाया कि दहेज की मांग पूरी नहीं होने पर 14 जनवरी 2008 को सविता को उसके पति दीपू, देवर सीपू, सास मंजू उर्फ मंजा, ससुर राजाराम, ननद मंजू, शालिनी ने एकराय होकर पीटा। मौका पाकर सविता ने फोन पर मायके वालों को जानकारी दी। मायके से तहेरे भाई मनोहरलाल का बेटा कृष्ण कुमार पहुंचा तो वहां सविता मृत अवस्था में मिली। कृष्णकुमार ने तहरीर देकर बताया कि उसकी चचेरी बुआ सविता की ससुराल वालों ने दहेज की मांग पूरी नहीं होने पर जहरीला पदार्थ देकर हत्या कर दी। तहरीर के आधार पर पुलिस ने मामले की रिपोर्ट दर्ज कर विवेेचना उपरांत पति दीपू के खिलाफ आरोप पत्र न्यायालय भेजा। कोर्ट में मुकदमा चलने के दौरान गवाहों के बयानात और सरकारी वकील विनोद कुमार शुक्ला व बचाव पक्ष के तर्कों को सुनने के बाद अपर सत्र न्यायाधीश ने अपना फैसला सुनाया।