अल्हागंज। क्षेत्र के गांव मऊ निवासी दुष्कर्म के आरोपी जीतू को फर्रुखाबाद से लौटते समय कुछ लोगों ने गोली मारकर घायल कर दिया। गंभीर हालत में उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घायल के पिता सालिकराम की ओर से गांव के ही पूर्व प्रधान समेत तीन लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है।
गांव निवासी 26 वर्षीय जीतू शुक्रवार रात करीब आठ बजे फर्रुखाबाद से आ रहा था। गांव की मोड़ पर वाहन से उतरने के बाद पैदल गांव जाने वाले रास्ते से घर जा रहा था। गांव के मोड़ से आगे दूसरी पुलिया के पास पहुंचा, तभी एक बाइक पर सवार गांव के पूर्व प्रधान जलील, इबने हसन, भूरे आ गए। आरोप है कि तीनों ने जीतू को पकड़ लिया। भूरे ने जीतू को एक थप्पड़ जड़ दिया, इसी बीच जलील ने तमंचे से जीतू के ऊपर फायर कर दिया, जो उसके पेट में लगा। इससे वह घायल होकर वहीं गिर पड़ा। इसके बाद हमलावर उसे मृत समझकर मौके से भाग गए। कुछ देर बाद घायल ने यूपी 100 पर कॉल करके पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुुंची 100 पुलिस घायल को लेकर पहले थाने पहुंची और मामले की जानकारी दी। इसके बाद घायल को जिला अस्पताल भेज दिया गया। घटना की तहरीर घायल के पिता सालिकराम ने तीनों हमलावरों के खिलाफ दी। जिस पर पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर ली है। बता दें कि जीतू राकेश और सुमित के खिलाफ छह अगस्त 2018 में एक लड़की से दुष्कर्म किए जाने का मामला दर्ज किया गया था। जिसमें पुलिस ने विवेचना के दौरान राकेश और सुमित की मौजूदगी न पाते हुए उनका नाम निकाल दिया था और जीतू के खिलाफ आरोप पत्र न्यायालय भेज दिया। अब मामला न्यायालय में विचाराधीन है। जीतू का आरोप है इसी रंजिश में उसके गोली मारी गई है।
जीतू की हत्या की गढ़ी जा चुकी है झूठी कहानी
11 अगस्त 2018 को अचानक जीतू लापता हो गया था। उसका पर्स, मोबाइल व आधार कार्ड, प्रेमपत्र, जली हुई दरी व रस्सी का टुकड़ा उसी के खाली पड़े मकान में पड़े मिले। आशंका जताई जा रही थी कि प्रेम संबंधों की वजह से उसकी हत्या करके उसका शव नदी में बहा दिया गया होगा। इस मामले में रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। बाद में पुलिस ने जीतू को दिल्ली से बरामद कर लिया और मामले की झूठी रिपोर्ट पाए जाने पर पुलिस ने एफआर लगा दी थी।
सात माह जेल में काटने पड़े जीतू को
दुष्कर्म के मामले में जीतू को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेजा था। इसमें उसे लगभग सात माह बाद जमानत मिल पाई। तब से वह जेल से बाहर है और दिल्ली में रहकर प्राइवेट काम करता है। जीतू ने बताया कि वह 18 फरवरी को मुकदमे की तारीख की वजह से दो दिन पहले गांव आया था।
तहरीर के आधार पर मामले में तीन लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है, लेकिन मामला पुरानी रंजिश का है। इसलिए गहराई से जांच की जा रही है।
- सुधाकर पांडेय, इंस्पेक्टर