परिवार में मचा कोहराम
डॉक्टर ने प्राथमिक उपचार के बाद सोनल को बरेली ले जाने की सलाह दी। बरेली ले जाते समय उनकी मौत हो गई। उनकी मौत से परिवार में कोहराम मच गया। घटना के बाद उनके घर पर तमाम लोग पहुंचे और परिजनों को ढाढ़स बंधाया। सोनल चंद्रा की असमय मौत होने से हर कोई स्तब्ध है।
मामा संजीव ने बताया कि भांजे सोनल के पिता महेश चंद्र बीएसएफ में थे। जब सोनल तीन माह का था, तब वह शहीद हो गए थे। सोनल की मां सुनीता चंद्रा सेवानिवृत्त शिक्षिका हैं। नानी मधुबाला रोजा की चेयरमैन रह चुकी हैं। थाना सदर बाजार इंस्पेक्टर बृजेश कुमार सिंह व रोजा थाना इंस्पेक्टर राजीव कुमार का कहना है कि उन्हें ऐसी कोई जानकारी नहीं है।