अपनी कार्यशैली के लिए चर्चित बंडा थानाध्यक्ष सुधरने का नाम नहीं ले रहे हैं। कुछ दिन पहले भाकिमयू ने एसओ को हटाने की मांग को लेकर एसडीएम कार्यालय पर धरना प्रदर्शन किया था, शुक्रवार को मारपीट के बाद महिला की इलाज के दौरान मौत होने पर रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई तो घरवालों ने शव का अंतिम संस्कार करने से इंकार कर दिया। सीओ के आश्वासन पर दोपहर में मृतका का अंतिम संस्कार किया गया।
बंडा के गांव बसंतापुर निवासी ओमप्रकाश ने बताया कि परिवार के ही लोगों से उसका घूरे आदि को लेकर विवाद चल रहा है। 13 सितंबर को पत्नी रामलली घूरा डालने गई तो दूसरे पक्ष की तीन महिलाओं सहित छह लोगों ने रामलली को लाठी से पीटकर गंभीर घायल कर दिया था। उसने पत्नी को बंडा के सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया, जहां से उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। बृहस्पतिवार को रामलली की मौत हो गई। ओमप्रकाश ने बताया कि इससे पूर्व भी उक्त लोग उसके साथ कई बार मारपीट कर चुके हैं, आरोपी पक्ष से साठगांठ के कारण बंडा पुलिस को तहरीर दिए जाने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं की गई, जिस कारण पत्नी को पीटकर घायल कर दिया गया और उसकी मौत हो गई।
पोस्टमार्टम के बाद रामलली का शव बृहस्पतिवार को घर पहुंचे, लेकिन परिवार के लोगों ने गैर इरादतन हत्या की रिपोर्ट दर्ज नहीं किए जाने तक अंतिम संस्कार करने से इंकार कर दिया। शुक्रवार को भी शव घर में रखा होने की सूचना पर पुलिस में हड़कंप मच गया। बंडा पुलिस के अलावा सीओ भी मौके पर पहुंचे और ओमप्रकाश से बात कर रिपोर्ट दर्ज कराए जाने की आश्वासन दिया। इसके बाद परिवार के लोगों ने शव का अंतिम संस्कार कर दिया। बंडा एसओ राजेश सिंह ने बताया कि उक्त मामले में रिपोर्ट दर्ज कराई जा रही है।