उत्तर प्रदेश प्रधानाचार्य परिषद का जनपदीय सम्मेलन एक रेस्टोरेंट में हुआ, जिसमें सेवानिवृत्त प्रधानाचार्यों को सम्मानित कर अनुशासन के साथ विद्यालयों के पठन-पाठन का वातावरण तैयार करने का संकल्प लिया गया।
इस अवसर पर मुख्य अतिथि डीआईओएस कमलाकर पांडेय ने कहा कि प्रधानाचार्य विद्यालयों में शैक्षिक क्रियाकलापों के प्रति माहौल बनाएं और संरक्षण प्रदान करें। वह अपने नैतिक उत्तरदायित्व से मुकर नहीं सकते। इसके लिए प्रधानाचार्यों को स्वयं एक रोलमॉडल की तरह प्रस्तुत करना होगा। विशिष्ट अतिथि बरेली के जिलाध्यक्ष डॉ. सुरेश चंद्र रस्तोगी ने प्रधानाचार्यों का आह्वान किया कि वह अपने पद के अनुरूप कार्य करें और शैक्षिक गुणवत्ता का ध्यान रखें।
जिलाध्यक्ष डॉ. केके शुक्ला ने कहा कि प्रधानाचार्यों का दायित्व है कि वह कॉलेज के अंतिम छात्र को शिखर पर ले जाने का प्रयास करे। इससे पूर्व सेवानिवृत्त प्रधानाचार्य वसंत लाल गंगवार और आरपी सिंह को शाल ओढ़ाकर और स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर अतिथियों को भी सम्मानित किया गया। महामंत्री डीआर वर्मा के संचालन में हुए सम्मेलन में कोषाध्यक्ष डॉ. अमीर सिंह ने आभार व्यक्त किया।
इस अवसर पर दिनेश रस्तोगी, केसी मिश्रा, केपी अग्निहोत्री, संतोष पांडेय, फखरे आलम, शाकिर अली खां, आरके शर्मा, कन्हैया लाल, भूपेश श्रीवास्तव, आनंद कुमार, जेपी मौर्य, अल्पना सिंह, आशा किरन यदुवंशी, प्रीति पचौरी, एसपी सिंह, लालाराम कश्यप आदि मौजूद रहे।