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दाग रहे पटाखे मचा रहे शोर... नेपाली हाथियों को रोकने पर जोर

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खुटार (शाहजहांपुर)। उत्पात मचा रहे नेपाली हाथियों को बमुश्किल खीरी जिले की सीमा में खदेड़ा गया था। अब खीरी में हाथियों के उत्पात के कारण वहां की महेशपुर रेंज के वनकर्मी उन्हें खुटार की ओर खदेड़ने की तैयारी कर रहे हैं। इसे देखते हुए खुटार रेंज के वनकर्मी रात में किसानों की मदद से कांबिंग कर रहे हैं, जिससे नेपाली हाथियों को खुटार क्षेत्र में फिर प्रवेश करने से रोका जा सके।
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खुटार वन क्षेत्र के फत्तेपुर बीट के गांव निहालपुर, बरबटपुर, कुंभिया माफी, रायपुर पटियात, कोचर फार्म आदि में किसानों की सैकड़ों बीघा धान की फसल को नेपाली हाथियों ने नष्ट कर दिया था। इसके बाद वन विभाग की टीम ने किसानों की मदद से शोर मचाकर और पटाखे दागकर हाथियों को लखीमपुर की सीमा में खदेड़ दिया था। हाथियों ने खीरी के गांव मस्तीपुर में कई किसानों की लगभग पांच एकड़ धान की फसल रौंदकर नष्ट कर दी है।
अब खीरी के वनकर्मियों ने किसानों के साथ हाथियों को खुटार की ओर खदेड़ने का प्रयास शुरू कर दिया है, लेकिन शनिवार तक सफलता नहीं मिल सकी थी। इधर खुटार के रेंजर रमाकांत सक्सेना पूरी टीम और तमाम किसानों के साथ बॉर्डर पर कांबिंग कर रहे हैं। वनकर्मियों और किसानों का कहना है कि अगर हाथी फिर से इधर आ गए तो फसलों का भारी नुकसान हो सकता है। खुटार और खीरी के वनकर्मियों की ओर से एक-दूसरे के क्षेत्र में नेपाली हाथियों को भेजने के लिए जोर आजमाइश चल रही है।
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नेपाली हाथियों के रौंदने से बर्बाद हुई फसल की रिपोर्ट तैयार कर उच्चाधिकारियों को भेज दी गई है। शासन द्वारा यदि मुआवजे आदि का प्रावधान होगा तो वह किसानों को मिलेगा। मैं खुद पूरी टीम के साथ बॉर्डर पर लगातार कांबिंग कर रहा हूं। किसानों को भी सचेत रहने की हिदायत दी गई है।- रमाकांत सक्सेना, रेंजर खुटार रेंज
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